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राजेश एक्सपोर्ट्स पर सेबी का कड़ा कदम, LIC और केनरा बैंक भी प्रभावित

सेबी ने राजेश एक्सपोर्ट्स पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की है, जिसके चलते कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट आई है। इस स्थिति का प्रभाव एलआईसी और केनरा बैंक पर भी पड़ा है। एलआईसी के पास राजेश एक्सपोर्ट्स में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है, और इसके शेयरों में भी गिरावट देखी गई है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

सेबी का एक्शन और राजेश एक्सपोर्ट्स की स्थिति

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने गोल्ड से संबंधित कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है। मार्केट रेगुलेटर ने कंपनी पर 15.15 लाख करोड़ रुपये के राजस्व को गलत तरीके से दर्शाने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही, कंपनी के प्रमोटर और प्रबंध निदेशक राजेश मेहता को ट्रेडिंग से रोक दिया गया है। सेबी की प्रारंभिक जांच में कंपनी पर वित्तीय आंकड़ों में अनियमितता, संदिग्ध तरीके से फंड्स का हस्तांतरण और जांच में सहयोग न करने के आरोप लगे हैं। इस खबर के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में भारी बिकवाली हुई, जिसके चलते कंपनी के शेयरों पर लोअर सर्किट लग गया। इसके अलावा, इस मामले का असर एलआईसी पर भी पड़ा है।


राजेश एक्सपोर्ट्स की आंच में फंसा LIC का पैसा! क्या आपके निवेश पर भी होगा असर?


LIC की स्थिति और निवेशकों पर प्रभाव

इस फर्जीवाड़े का सबसे बड़ा प्रभाव एलआईसी पर पड़ा है, क्योंकि उसके पास राजेश एक्सपोर्ट्स में लगभग 10.80 प्रतिशत हिस्सेदारी है। हालांकि, एलआईसी ने सितंबर 2023 के बाद से कंपनी के शेयरों को न तो खरीदा है और न ही बेचा है, लेकिन उसकी होल्डिंग बरकरार है। वर्तमान में LIC की होल्डिंग्स का मूल्य 347 करोड़ रुपये है, जबकि 2026 की शुरुआत में यह 637 करोड़ रुपये था। दिलचस्प बात यह है कि राजेश एक्सपोर्ट्स में विदेशी निवेशकों ने भी काफी निवेश किया है, जिसमें FII की होल्डिंग्स का मौजूदा मूल्य 456 करोड़ रुपये है। सेबी की जांच के चलते एलआईसी के शेयरधारकों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।


LIC के शेयरों में गिरावट

मार्केट खुलते ही राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में भारी गिरावट आई, जिसके चलते लोअर सर्किट लग गया। इसी बीच, एलआईसी के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। खबर लिखे जाने तक, एलआईसी के शेयर लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 398 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे। इससे स्पष्ट है कि राजेश एक्सपोर्ट्स की स्थिति का आम निवेशकों पर भी असर पड़ा है। हालांकि, एलआईसी के पॉलिसीधारकों पर इसका सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन शेयरधारकों को नुकसान उठाना पड़ा है।


केनरा बैंक की मुश्किलें

इस मामले में केवल एलआईसी ही नहीं, बल्कि सरकारी बैंक केनरा बैंक भी प्रभावित हुआ है। राजेश एक्सपोर्ट्स द्वारा लोन चुकाने में चूक के कारण बैंक ने उसके 509 करोड़ रुपये के कर्ज को 'स्ट्रेस्ड एसेट' की श्रेणी में डाल दिया है। अब केनरा बैंक इस फंसे हुए कर्ज से बाहर निकलने की योजना बना रहा है और उसने इस बकाया लोन को ओपन ऑक्शन के जरिए बेचने का निर्णय लिया है, ताकि वह अपनी राशि की वसूली कर सके।