×

राजस्थान विधानसभा में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समस्याओं पर नेता प्रतिपक्ष का बयान

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के प्रदर्शन पर भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार इन बच्चों की समस्याओं के प्रति असंवेदनशील है और उन्हें धरने पर बैठने के लिए मजबूर किया गया है। जूली ने आरोप लगाया कि छात्रों को असुरक्षित कक्षाओं में पढ़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है और प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी है। उनका कहना है कि दिव्यांग बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
 

टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार पर उठाए सवाल

जयपुर, 5 अगस्त: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बुधवार को जयपुर के राजकीय सेठ आनन्दीलाल पोद्दार मूक-बधिर उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्रों के प्रदर्शन पर भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन है। छात्रों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विद्यालय के बाहर धरना दिया। इस घटना की जानकारी मिलने पर जूली, कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान और विधायक अमित चाचन धरनास्थल पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की।


जूली ने विद्यालय के कर्मचारियों से भी उनकी समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह भाजपा सरकार के लिए शर्म की बात है कि छात्रों को अपनी समस्याओं और अधिकारों के लिए फिर से सड़कों पर उतरना पड़ा। जूली ने आरोप लगाया कि छात्रों को जर्जर और असुरक्षित कक्षाओं में पढ़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।


उन्होंने बताया कि श्रवण बाधित बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की बजाय अप्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिससे छात्रों का भविष्य संकट में है। जूली ने कहा कि जो बच्चे अपनी बात नहीं कह सकते, उनकी चुप्पी आज सरकार की असंवेदनशीलता के खिलाफ राजधानी की सड़कों पर गूंज रही है। उन्होंने कहा, 'इन मासूम बच्चों को कक्षाओं में बैठाने के बजाय धरने पर बैठने के लिए मजबूर करना केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि अमानवीयता और क्रूरता की पराकाष्ठा है।'


उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांग बच्चों के अधिकारों से वंचित करना और उनके भविष्य के साथ अन्याय करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।