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राजस्थान में सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण समृद्धि का नया युग

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सहकारिता को ग्रामीण समृद्धि और रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण साधन बताया है। उन्होंने सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। आगामी 6 जुलाई को नई दिल्ली में सहकारिता मंत्रालय का स्थापना दिवस समारोह आयोजित होगा, जिसमें राजस्थान के सहकारिता मॉडल की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। राज्य ने सहकारिता के क्षेत्र में कई राष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जिसमें गोदामों का निर्माण और डिजिटलीकरण शामिल है। जानें इस क्षेत्र में और क्या हो रहा है।
 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सहकारिता पर जोर


जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सहकारिता को ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण साधन बताया। उन्होंने कहा कि यह किसानों, पशुपालकों, युवाओं और ग्रामीण परिवारों के लिए नए अवसर प्रदान करता है, जिससे गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। शर्मा ने यह भी बताया कि राजस्थान सहकारिता के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' के दृष्टिकोण को लागू करते हुए, राज्य सरकार सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है.


मुख्यमंत्री ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर सहकारिता विभाग की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने निर्देश दिए कि सहकारिता विभाग द्वारा निर्मित गोदामों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, सहकारिता के दायरे को नई गतिविधियों तक विस्तारित करने और नवाचारों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने 'भारत टैक्सी' पहल को बढ़ावा देने और प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों को प्रोत्साहित करने के लिए भी निर्देश दिए.


राजस्थान के सहकारिता मॉडल की सफलता का राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार —


यह उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में 6 जुलाई को नई दिल्ली में सहकारिता मंत्रालय का 5वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी शामिल होंगे। इस राष्ट्रीय मंच के माध्यम से राजस्थान के सहकारिता मॉडल की नवाचार, सुधार और ऐतिहासिक उपलब्धियों को देशभर में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे प्रदेश को नई पहचान मिलेगी.


राजस्थान सहकारी संस्थाओं के डिजिटलीकरण में अग्रणी —


मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में, राजस्थान ने सहकारिता के क्षेत्र में कई राष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत 200 गोदाम स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 120 का निर्माण पूरा हो चुका है। राजस्थान इस योजना के क्रियान्वयन में देश में पहले स्थान पर है.


इसके अलावा, प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को भारतीय बीज सहकारी समिति की सदस्यता दिलाने, नई बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के गठन, ई-पैक्स के कम्प्यूटरीकरण और 10 करोड़ से अधिक ईआरपी ट्रांजेक्शन के माध्यम से सहकारी संस्थाओं के डिजिटलीकरण में भी राजस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी स्थान प्राप्त किया है. राज्य की पैक्स अब कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, किसान उत्पादक संगठन जैसी बहु-सेवाएं संचालित कर ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा वितरण का प्रभावी मॉडल बन चुकी हैं.


सहकारिता परिवार का विस्तार, 8.90 लाख नए सदस्य जुड़े —


राजस्थान ने सहकारिता क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। राज्य में किसान सम्मान निधि, गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना और रिस्क रीलीफ फंड स्कीम का कार्यान्वयन किया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में सहकारी बैंकों और पैक्स द्वारा वितरित फसली ऋणों की 97.48 प्रतिशत वसूली की गई है। इसके अलावा, राजफेड द्वारा समर्थन मूल्य खरीद में प्रभावी भुगतान प्रणाली लागू कर किसानों को भुगतान की अवधि को 15 दिनों से घटाकर 4-5 दिन किया गया है। सहकार सदस्यता अभियान के तहत प्रदेशभर में 8.90 लाख नए सदस्यों को सहकारिता से जोड़ा गया है. राजस्थान को सहकारिता मंत्रालय के स्थापना दिवस के राष्ट्रीय समारोह में आमंत्रित किया गया है.


बैठक में सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, वित्त एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे.