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राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक

राजस्थान में सड़क सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। उन्होंने संबंधित विभागों को सुरक्षा मानकों का पालन करने और दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर सुधारात्मक कार्यवाही करने के लिए कहा। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर निगरानी कैमरों की गुणवत्ता और हाई स्पीड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई पर भी चर्चा की गई। जानें और क्या महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
 

सड़क सुरक्षा की समीक्षा बैठक


जयपुर/बालोतरा, 03 जुलाई। राज्य में सड़क सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक लगातार तीसरे दिन आयोजित की गई, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सुरक्षा मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। उन्होंने हाल ही में दौसा जिले में हुई सड़क दुर्घटना पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित विभागों को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


बैठक में अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में पंजीकृत बसों के बारे में चर्चा की गई, जो राजस्थान में चल रही हैं और निर्धारित बस बॉडी कोड के अनुरूप नहीं हैं। दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों को इस संबंध में जानकारी दी गई और मुख्य सचिवों को अर्द्धशासकीय पत्र लिखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों का पंजीकरण सुरक्षा मानकों की पूर्ण जांच के बाद ही किया जाए।


मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर निगरानी कैमरों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उन्हें हमेशा चालू रखने के निर्देश दिए। उन्होंने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस कॉरिडोर की 15 दिनों के भीतर सुरक्षा ऑडिट कराने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देशित किया। एनएचएआई के अध्यक्ष ने रोड सेफ्टी ऑडिट कर आवश्यक संशोधन करने का आश्वासन दिया।


मुख्य सचिव ने हाई स्पीड वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए निर्देश दिए। ब्लैक स्पॉट्स पर पर्याप्त लाइटिंग, साइनेज मार्किंग और व्यवसायिक वाहन चालकों के लिए भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में एम्बुलेंस, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा और फायर ब्रिगेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत कार्य किया जा सके।


मुख्य सचिव ने परिवहन और सड़क सुरक्षा विभाग को वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाने और सभी बसों के ए.आई.एस. मानकों की जांच के लिए प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने संभागीय आयुक्तों को जिला कलेक्टर्स की बैठक आयोजित कर जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समितियों की बैठकों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।