राजस्थान में मानसून की वापसी, 16 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट
जयपुर में मौसम में बदलाव
राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर से करवट ली है। 26 सितंबर की शाम से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 27 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के कई क्षेत्रों में आंधी-बारिश और बिजली गिरने की गतिविधियों की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के लिए इस दिन कोई चेतावनी नहीं दी गई है।
16 जिलों में यलो अलर्ट
रविवार को राजस्थान के 16 जिलों में बारिश के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव भी देखने को मिल सकता है।
पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग के क्षेत्रीय पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी राजस्थान में 27, 28 और 29 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं से जुड़ी गतिविधियां जारी रह सकती हैं। वहीं, पश्चिमी राजस्थान में इन दिनों के लिए कोई व्यापक चेतावनी नहीं दी गई है।
ओलावृष्टि की घटनाएं
मौसम में बदलाव का असर कुछ क्षेत्रों में दिखाई दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, नागौर के मेड़ता सिटी, कोटा के मंडाना और जैसलमेर के मोहनगढ़ में ओलावृष्टि दर्ज की गई है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश भी हुई।
28-29 सितंबर तक मौसम का असर
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी राजस्थान में 28 और 29 सितंबर को भी गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। इसके बाद 30 सितंबर से मौसम में कुछ राहत आने के संकेत हैं। पश्चिमी राजस्थान में फिलहाल इसी अवधि के दौरान कोई चेतावनी नहीं है।
सावधानी बरतने की सलाह
बारिश और आंधी के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। बिजली चमकने के समय पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे खड़े होने से बचना और स्थानीय मौसम चेतावनियों पर ध्यान देना आवश्यक है। किसानों को भी स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार खेतों में आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
मौसम का अपडेट
फिलहाल राजस्थान में बारिश का असर मुख्य रूप से पूर्वी हिस्सों में देखने को मिल रहा है। 27 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के लिए IMD की उपखंडीय चेतावनी में कोई अलर्ट नहीं है, जबकि पूर्वी राजस्थान में थंडरस्टॉर्म और बिजली गिरने जैसी गतिविधियों की चेतावनी है।
नोट: 16 जिलों की संख्या और यलो अलर्ट संबंधी जानकारी 27 सितंबर की प्रकाशित रिपोर्ट पर आधारित है; मौसम चेतावनी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है।