राजस्थान में अवैध गांजे की खेती पर ANTF की बड़ी कार्रवाई
राजस्थान में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान
राजस्थान में अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने उदयपुर जिले में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। कोटड़ा थाना क्षेत्र में लगभग 10 बीघा भूमि पर गांजे की अवैध खेती का मामला सामने आया है। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध फसल को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की।
10 बीघा भूमि पर अवैध खेती का खुलासा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कोटड़ा थाना क्षेत्र में एक बड़े भू-भाग पर गांजे के पौधे उगाए जा रहे थे। ANTF को इस संबंध में सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने इलाके में पहुंचकर जांच की। मौके पर 10 बीघा भूमि में गांजे की खेती की पुष्टि हुई।
कार्रवाई के दौरान, टीम ने भूमि का निरीक्षण किया और वहां मौजूद गांजे के पौधों को चिह्नित किया। इसके बाद अवैध फसल को जब्त करने और आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जांच
ANTF अब केवल अवैध खेती तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि यह पता लगाने में जुटी है कि इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गांजे की खेती कब से की जा रही थी और तैयार फसल की सप्लाई कहां की जानी थी।
जमीन के मालिकाना हक और खेती से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही आसपास के लोगों से जानकारी जुटाकर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
राजस्थान में लगातार हो रही कार्रवाई
राजस्थान में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस और ANTF की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अवैध गांजे की खेती, नशीले पदार्थों की तस्करी और सप्लाई करने वालों पर कार्रवाई के लिए अलग-अलग इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।
उदयपुर के कोटड़ा क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। बड़ी मात्रा में जमीन पर अवैध खेती सामने आने के बाद अधिकारियों की नजर अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अवैध रूप से मादक पदार्थों की खेती करने या उनकी तस्करी में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल ANTF की टीम मामले की विस्तृत जांच कर रही है। 10 बीघा जमीन पर गांजे की खेती किसके इशारे पर की जा रही थी, इसमें कितने लोग शामिल हैं और तैयार फसल को कहां भेजा जाना था, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद सामने आएंगे।