राजस्थान में NEET परीक्षा के दौरान बुर्का पहनने पर विवाद
राजस्थान के अजमेर में NEET परीक्षा के दौरान एक मुस्लिम छात्रा को बुर्का पहनने के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश से रोका गया। इस घटना ने विवाद को जन्म दिया, जिसमें छात्रा ने अपनी पहचान को प्राथमिकता दी। उसके पिता ने भी प्रशासन पर सवाल उठाए, यह कहते हुए कि उनकी बेटी ने तीन साल तक इस परीक्षा की तैयारी की है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने बाद में मामले को सुलझाया, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
Jun 21, 2026, 16:21 IST
परीक्षा केंद्र में विवादित घटना
राजस्थान के अजमेर में NEET यूजी री एग्जाम के दौरान एक विवाद उत्पन्न हुआ। परीक्षा शुरू होने से पहले, एक मुस्लिम छात्रा जो बुर्का और दुपट्टा पहने हुए थी, को परीक्षा केंद्र में प्रवेश से रोका गया, जिससे वहां काफी हंगामा हुआ।
छात्रा का बयान: पहचान महत्वपूर्ण है
ब्यावर से परीक्षा देने आई कुलसुम बानो ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, "मैंने 3 मई को भी यही कपड़े पहने थे। आज चेकिंग के दौरान पहले मेरे दुपट्टे को हटाने के लिए कहा गया और फिर बुर्का भी उतारने के लिए कहा गया। अगर एनटीए के नियम हमें धार्मिक कपड़े पहनने की अनुमति देते हैं, तो वे हमें कैसे रोक सकते हैं? मेरे लिए परीक्षा से ज्यादा मेरा बुर्का और पहचान महत्वपूर्ण है। अगर मुझे इस लिबास में अंदर नहीं जाने दिया गया, तो मैं परीक्षा नहीं दूंगी।"
पिता ने उठाए सवाल, 3 साल की मेहनत दांव पर
कुलसुम के पिता मोहम्मद आलिम ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी बेटी पिछले तीन साल से इस मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रही है। एनटीए के नियम 18 के अनुसार, छात्रों को अपने धार्मिक कपड़ों में परीक्षा देने की अनुमति है। उन्होंने केंद्र के स्टाफ से अनुरोध किया था कि किसी महिला स्टाफ को बुलाकर उनकी बेटी की चेकिंग की जाए, लेकिन शुरुआत में उनकी बात नहीं मानी गई।
पुलिस और अधिकारियों ने विवाद को सुलझाया
जब मामला बढ़ा, तो पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीओ नॉर्थ शिवम जोशी ने बताया, "बुर्के से संबंधित मुद्दा सुलझा लिया गया है। नियमों को लेकर केंद्र के स्टाफ में कुछ भ्रम था, जिसे वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया। इसके बाद स्थिति सामान्य हो गई और सभी छात्रों को समय पर प्रवेश मिला, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।"