×

राजस्थान के राज्यपाल ने जनजातीय क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने का आह्वान किया

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जनजातीय क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के नामांकन को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करने की बात की। नशामुक्त भारत अभियान के तहत स्थानीय समुदाय के साथ संवाद और जागरूकता पर भी उन्होंने जोर दिया। जानें और क्या-क्या कहा राज्यपाल ने इस कार्यक्रम में।
 

राज्यपाल का शिक्षा पर जोर

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जनजातीय क्षेत्रों में उच्च शिक्षा में नामांकन को बढ़ाने के लिए व्यापक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता और समय पर उपलब्धता जीवन के लिए कितनी महत्वपूर्ण है। राज्यपाल ने बांसवाड़ा में गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक भवन, कुलपति आवास और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का ऑनलाइन अनावरण किया।


एक आधिकारिक बयान में, उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के नामांकन को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं को आज भी प्रासंगिक बताते हुए, उन्होंने कहा कि उनका शिक्षा-दर्शन विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और समग्र विकास पर केंद्रित है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता को विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आग्रह किया।


राज्यपाल ने नशामुक्त भारत अभियान के तहत राजस्थान को नशामुक्त बनाने के लिए स्थानीय समुदाय के साथ संवाद और जागरूकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज जल, जंगल और जमीन का असली संरक्षक है, इसलिए विश्वविद्यालय को जनजातीय समुदाय के जल संरक्षण और पारंपरिक ज्ञान पर अधिक शोध करना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए, बागडे ने कहा कि इसमें 'लोकल से ग्लोबल' और 'आत्मनिर्भर भारत' की अवधारणा पर जोर दिया गया है।


उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे ऐसी शिक्षा का प्रचार करें, जिससे विद्यार्थी अपनी क्षमताओं को पहचान सकें और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकें। इस कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भी ऑनलाइन शामिल हुए।