×

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष ने नए रोजगार अधिनियम की आलोचना की

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नए भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन अधिनियम की आलोचना की है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को समाप्त करने की कोशिश कर रही है। डोटासरा ने कहा कि अब केंद्र सरकार काम केवल भाजपा के शासन वाले क्षेत्रों में ही देने का निर्णय लेगी। इसके अलावा, कांग्रेस ने 5 जनवरी से 'एमएनआरईगा बचाओ' अभियान शुरू करने की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य इस योजना की रक्षा करना है।
 

कांग्रेस अध्यक्ष की कड़ी प्रतिक्रिया

राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख गोविंद सिंह डोटासरा ने गुरुवार को नए भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम की तीखी आलोचना की। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह द्वारा शुरू की गई महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) को समाप्त करने की कोशिश कर रही है। डोटासरा ने कहा कि अब केंद्र सरकार यह तय करेगी कि काम केवल भाजपा के शासन वाले क्षेत्रों में ही दिया जाएगा।


डोटासरा का बयान

एएनआई से बातचीत में डोटासरा ने कहा कि काम का अधिकार सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह ने प्रदान किया था, जिसे भाजपा अब समाप्त कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल नाम नहीं बदल रही है, बल्कि उस कानून को खत्म कर रही है जो काम की गारंटी देता था। अब केंद्र सरकार यह तय करेगी कि काम केवल उन क्षेत्रों में दिया जाएगा जहां भाजपा का विधायक है, और राज्य सरकार को 40% का योगदान देना होगा।


कांग्रेस का 'एमएनआरईगा बचाओ' अभियान

इससे पहले, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने घोषणा की थी कि पार्टी 5 जनवरी से 'एमएनआरईगा बचाओ' अभियान शुरू करेगी। इस अभियान का उद्देश्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को जन आंदोलन का केंद्र बनाना है। मीडिया से बातचीत में खरगे ने कहा कि पार्टी के नेताओं ने इस योजना को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का विरोध करने की शपथ ली है।


महत्वपूर्ण घोषणा

खरगे ने कहा कि बैठक में हमने शपथ ली है और 5 जनवरी से एमएनआरईगा बचाओ अभियान की शुरुआत करेंगे। उन्होंने इस योजना के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एमएनआरईगा केवल एक कल्याणकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक संवैधानिक अधिकार भी है।