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राजनाथ सिंह ने STRATEGIC INFRASTRUCTURE CONCLAVE में BRO की उपलब्धियों की सराहना की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में आयोजित STRATEGIC INFRASTRUCTURE CONCLAVE में बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइज़ेशन (BRO) की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने पिछले साढ़े छह दशकों में BRO के योगदान और तकनीकी नवाचारों पर जोर दिया। राजनाथ सिंह ने बुनियादी ढांचे के महत्व और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की, जिसमें 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' शामिल है। इस कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों को विकसित किया जा रहा है।
 

रक्षा मंत्री का संबोधन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइज़ेशन (BRO) द्वारा आयोजित 'स्ट्रैटेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव' में भाग लिया और संगठन के 65 वर्षों के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस अवधि में, BRO ने अपने आदर्श वाक्य 'कड़ी मेहनत से सब कुछ संभव है' को साकार किया है। अटल टनल और सेला टनल जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिस गति से अब कठिन इलाकों और ऊंचे पहाड़ों पर सड़कें और हाईवे बनाए जा रहे हैं, वैसी गति पहले कभी नहीं देखी गई। आपकी तकनीकी नवाचारों के प्रति प्रतिबद्धता ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है। BRO के एक सदस्य के रूप में, जब मैं आपकी उपलब्धियों को देखता हूँ, विशेषकर पिछले दशक की, तो मुझे गर्व महसूस होता है।


इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्व

राजनाथ सिंह ने रणनीतिक महत्व के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर के स्थायित्व पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी देश की ताकत के लिए मजबूत आधार की आवश्यकता होती है। BRO सीमावर्ती क्षेत्रों में एयरफील्ड भी विकसित करता है। युद्ध की तकनीकें भले ही बदलें, लेकिन सड़कों, सुरंगों और एयरफील्ड का महत्व हमेशा बना रहेगा। BRO देश की शक्ति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना रहेगा और यह केवल एक निर्माण एजेंसी से दुनिया के सबसे सम्मानित रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर संगठनों में से एक बन गया है।


बुनियादी ढांचे में बदलाव

कॉन्क्लेव के दौरान, उन्होंने भारत में बुनियादी ढांचे में आए बड़े बदलावों का उल्लेख किया और कहा कि कॉन्क्लेव का विषय - टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और बेहतरीन क्रियान्वयन के माध्यम से क्षमता बढ़ाना - भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सभ्यताओं को उनकी उपलब्धियों के साथ-साथ उनके द्वारा निर्मित सड़कों और बुनियादी ढांचे के लिए भी याद किया जाता है। आज भारत जो बुनियादी ढांचा विकसित कर रहा है, वह उसकी सभ्यता की पहचान बन जाएगा।


भविष्य की योजनाएं

पिछले इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों की आलोचना करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि आज़ादी के बाद इस दिशा में कुछ प्रयास हुए हैं, लेकिन अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। पिछले दस वर्षों में, हमने गांवों, पहाड़ों और दूरदराज के क्षेत्रों को जोड़ने का मिशन शुरू किया है। हमने सड़कों, रेलवे, हवाई कनेक्टिविटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान केंद्रित किया है।


मजबूत भविष्य की दिशा में

उन्होंने आगे कहा कि हमारा विश्वास है कि किसी देश का इंफ्रास्ट्रक्चर जितना मजबूत होगा, उसका भविष्य भी उतना ही उज्ज्वल होगा। इसलिए हम आने वाले वर्षों में इसी उत्साह के साथ काम करते रहेंगे। सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी के साथ-साथ, सरकार 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' भी लागू कर रही है। सीमावर्ती गांव, जिन्हें पहले 'आखिरी गांव' कहा जाता था, अब 'पहले गांव' के रूप में विकसित किए जा रहे हैं।