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राज ठाकरे ने महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में अनियमितताओं पर उठाए सवाल

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने बीएमसी चुनावों में तकनीकी अनियमितताओं और चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में धोखाधड़ी की जा रही है और नई वोटिंग मशीनों के बारे में राजनीतिक दलों को कोई जानकारी नहीं दी गई। ठाकरे ने मतदान के दौरान स्याही की समस्याओं और दोबारा मतदान की आवश्यकता पर भी चिंता जताई। इस लेख में जानें ठाकरे की चिंताओं और चुनावी प्रक्रिया में सुधार की मांग के बारे में।
 

राज ठाकरे की चिंता: चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के नेता राज ठाकरे ने गुरुवार को महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों की पारदर्शिता को लेकर अपनी चिंताओं का इजहार किया। उन्होंने कहा कि यदि सत्ता धोखाधड़ी के जरिए हासिल की जाती है, तो इसे वैध चुनाव नहीं माना जा सकता। शिवसेना (यूबीटी) के साथ मिलकर एमएनएस बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों में भाग ले रही है।


बीएमसी चुनावों में मतदान करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए ठाकरे ने आरोप लगाया कि "पैडू" नाम की एक वोटिंग मशीन का उपयोग किया जा रहा है, जिसके बारे में राज्य चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को कोई पूर्व सूचना नहीं दी। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा।


तकनीकी मुद्दे और चुनावी अनियमितताएं

प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट (पीएडीयू) वोटिंग यूनिट को कंट्रोल यूनिट से जोड़ने में किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में बैकअप के रूप में कार्य करती है। ठाकरे ने कहा कि इसके बाद वीवीपीएटी का मुद्दा सामने आया, जिसके बारे में कहा गया था कि इसका उपयोग नहीं किया जाएगा। फिर 'पाडु' नाम की मशीन लाई गई। उन्होंने कहा कि असल में कोई विपक्ष नहीं है और चुनाव कैसे कराए जाएं, यह सरकार तय करती है।


ठाकरे ने कहा कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद, चुनाव आयोग ने इस मशीन के बारे में जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि जब कोई इस तरह से धोखाधड़ी करके सत्ता में आता है, तो इसे चुनाव नहीं कहा जा सकता।


मतदान के दौरान अनियमितताओं की चिंता

एमएनएस प्रमुख ने मतदान के दौरान अनियमितताओं पर भी चिंता जताई और दोबारा मतदान की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले वोटों पर निशान लगाने के लिए एक अलग स्याही का उपयोग किया जाता था, लेकिन अब एक नया पेन लाया गया है। शिकायतें आई हैं कि सैनिटाइजर लगाने पर इसकी स्याही मिट जाती है।


उन्होंने कहा कि लिखित आपत्तियां जमा करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब वही स्याही लगाई जाती है, फिर बाहर आकर उसे मिटाया जाता है और फिर से वोट डालने की प्रक्रिया होती है। ठाकरे ने कहा कि यह सब चुनाव जीतने के लिए किया जा रहा है और सरकार तथा प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहे हैं।