राज कपूर की सीख ने ऋषि कपूर के करियर को दिया नया मोड़
राज कपूर की सलाह का प्रभाव
हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता ऋषि कपूर को उनकी रोमांटिक फिल्मों के लिए ही नहीं, बल्कि उनके अनोखे अभिनय और बेबाकी के लिए भी याद किया जाता है। कपूर परिवार की चौथी पीढ़ी के इस अभिनेता ने अपने करियर में कई हिट फिल्में दीं, लेकिन उनकी पहली फिल्म ने उन्हें एक महत्वपूर्ण सीख दी, जिसने उनके पूरे करियर की दिशा निर्धारित की।
ऋषि कपूर की शुरुआत
ऋषि कपूर ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म 'बॉबी' से की, जिसका निर्देशन उनके पिता राज कपूर ने किया था। हालांकि वे एक फिल्मी परिवार से थे, लेकिन सेट पर काम करना उनके लिए आसान नहीं था। अनुशासन इतना कड़ा था कि उन्हें अपने पिता को 'पापा' कहने की अनुमति नहीं थी, बल्कि उन्हें 'साहब' कहकर संबोधित करना पड़ता था.
कोरियोग्राफर की अनुपस्थिति
फिल्म के एक गाने की शूटिंग के दौरान ऋषि कपूर को लगा कि कोई कोरियोग्राफर आएगा और उन्हें डांस स्टेप्स सिखाएगा। लेकिन जब काफी समय बीत जाने के बाद भी कोई नहीं आया, तो वे चौंक गए। तभी राज कपूर ने स्पष्ट किया कि इस गाने के लिए कोई कोरियोग्राफर नहीं बुलाया जाएगा और उन्हें खुद ही डांस करना होगा.
राज कपूर की सलाह ने बदली सोच
यह सुनकर ऋषि कपूर घबरा गए और उन्होंने शुरुआत में मना भी किया, लेकिन राज कपूर की एक बात ने उनकी सोच को बदल दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोरियोग्राफर आता, तो वह उन्हें वही सिखाता जो पहले से ही धर्मेंद्र या अमिताभ बच्चन कर चुके हैं। ऐसे में लोग उन्हें ऋषि कपूर की नकल करने वाला समझेंगे, इसलिए बेहतर है कि वे अपनी अलग पहचान खुद बनाएं.
ऋषि कपूर का अद्वितीय करियर
इस सीख का असर ऋषि कपूर के पूरे करियर पर स्पष्ट रूप से देखा गया। उन्होंने अपने गानों की लिप-सिंकिंग, डांस और स्टाइल को अपने तरीके से पेश किया, जो दर्शकों को बहुत पसंद आया। 70 और 80 के दशक में, जबकि धर्मेंद्र एक्शन फिल्मों के लिए जाने जाते थे, ऋषि कपूर ने रोमांस और म्यूजिकल फिल्मों के माध्यम से अपनी एक अलग पहचान बनाई.