राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगा, पंजाब में राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप
आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगा है। उनका उद्देश्य पंजाब में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और राजनीतिक प्रतिशोध की शिकायत करना है। चड्ढा का आरोप है कि पंजाब के सरकारी तंत्र का उपयोग उन नेताओं के खिलाफ किया जा रहा है, जिन्होंने हाल ही में 'आप' छोड़कर भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया। इस मुलाकात के दौरान उनके साथ अन्य सांसद भी मौजूद रहेंगे। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और चड्ढा के राजनीतिक सफर के बारे में।
May 3, 2026, 18:35 IST
राष्ट्रपति से मुलाकात का अनुरोध
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा है। सूत्रों के अनुसार, उनका उद्देश्य पंजाब में सरकारी तंत्र के कथित दुरुपयोग और राजनीतिक प्रतिशोध की शिकायत करना है। राष्ट्रपति कार्यालय ने उन्हें 5 मई को सुबह 10:40 बजे मिलने का समय निर्धारित किया है।
मामले का विवरण
राघव चड्ढा का कहना है कि पंजाब की सरकारी मशीनरी का उपयोग उन सांसदों और नेताओं के खिलाफ किया जा रहा है, जिन्होंने हाल ही में 'आप' छोड़कर भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया। इस मुलाकात में उनके साथ तीन अन्य सांसद भी उपस्थित रहेंगे। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेदों की चर्चा हो रही है।
चड्ढा और केजरीवाल के बीच बढ़ती दूरियां
राघव चड्ढा को पहले अरविंद केजरीवाल का करीबी सहयोगी माना जाता था, लेकिन हाल के दिनों में उनके रिश्ते में खटास आई है। कहा जा रहा है कि जब केजरीवाल जेल में थे, तब चड्ढा का लंदन में रहना और वहां की तस्वीरें साझा करना पार्टी नेतृत्व को पसंद नहीं आया। इसके अलावा, उन्हें लोकसभा चुनाव के दौरान पंजाब की रणनीति से दूर रखा गया, जिससे पार्टी के अंदर मतभेद स्पष्ट हो गए।
खामोशी का संदेश
पार्टी में अपनी भूमिका को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच, राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने इशारों में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा, 'मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।' यह बयान पार्टी नेतृत्व के लिए एक संकेत माना जा रहा है।
राजनीतिक सफर
राघव चड्ढा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 'आप' के साथ आंदोलन के दौरान की थी। वे 2015 में पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बने और 2020 में दिल्ली के राजेंद्र नगर से विधायक चुने गए। इसके बाद उन्हें पंजाब का प्रभारी बनाया गया और 2022 में वे पंजाब से राज्यसभा के सबसे युवा सदस्य बने। हालांकि, हाल के समय में पार्टी के महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनकी चुप्पी ने कई सवाल खड़े किए हैं।