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राघव चड्ढा का AAP पर तीखा हमला, पार्टी छोड़ने का कारण बताया

राघव चड्ढा, जो आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं, ने हाल ही में पार्टी और उसके नेता अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी का माहौल अब खराब हो गया है, जिससे उन्हें और अन्य नेताओं को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। चड्ढा ने अपने फैसले को "निराशा और मोहभंग" का परिणाम बताया। इस बीच, AAP ने राज्यसभा के सभापति को एक याचिका सौंपी है, जिसमें पार्टी छोड़ने वाले सदस्यों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है।
 

राघव चड्ढा का बयान

आम आदमी पार्टी (AAP) के एक संस्थापक सदस्य राघव चड्ढा ने हाल ही में अपनी पूर्व पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बीजेपी में शामिल होने के बाद, चड्ढा ने एक भावुक वीडियो में कहा कि वे लंबे समय तक "गलत पार्टी में सही आदमी" बने रहे और अंततः पार्टी के "दमघोंटू माहौल" ने उन्हें बाहर जाने पर मजबूर कर दिया।


चड्ढा का करियर और पार्टी छोड़ने का निर्णय

राज्यसभा सदस्य चड्ढा ने बताया कि उन्होंने राजनीति में आने के लिए अपने CA करियर को छोड़ दिया था, ताकि वे देश की सेवा कर सकें। लेकिन "खराब काम के माहौल" के कारण, उन्हें और छह अन्य नेताओं को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने Instagram पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि वे आम नागरिकों के मुद्दों को उठाते रहेंगे।


चड्ढा की बातें

चड्ढा ने कहा, "राजनीति में आने से पहले, मैं एक CA था। मैंने अपना करियर बनाने के लिए राजनीति में कदम नहीं रखा था। मैंने अपनी जवानी के 15 साल इस पार्टी को समर्पित किए। लेकिन अब यह पार्टी वैसी नहीं रही।" उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में काम करने का माहौल बहुत खराब है और उन्हें संसद में बोलने से भी रोका जाता है।


सात लोग गलत नहीं हो सकते

चड्ढा ने यह भी कहा कि एक या दो लोग गलत हो सकते हैं, लेकिन सात लोग गलत नहीं हो सकते। उन्होंने आरोपों को खारिज किया कि उन्होंने डर या दबाव के कारण AAP छोड़ी। उनका कहना था कि यह निर्णय "निराशा, घृणा और मोहभंग" के कारण लिया गया था।


AAP पर चड्ढा के हमले का समय

चड्ढा की ये टिप्पणियाँ उस समय आई हैं जब AAP ने राज्यसभा के सभापति को एक याचिका सौंपी है, जिसमें पार्टी छोड़ने वाले सात सदस्यों को अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है। पार्टी ने कहा है कि यदि आवश्यक हुआ तो वह कानूनी कार्रवाई भी करेगी।


पार्टी की रणनीति

हाल ही में, AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने पार्टी प्रमुख से मुलाकात की, ताकि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति तय की जा सके। पार्टी छोड़ने का यह सिलसिला ऐसे समय में शुरू हुआ है, जब AAP पंजाब, गुजरात और गोवा में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।


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