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रसोई गैस के नियमों में बदलाव: एक घर में केवल एक गैस कनेक्शन होगा

1 जून से रसोई गैस के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। अब एक ही पते पर केवल एक गैस कनेक्शन मान्य होगा, जिससे पीएनजी वाले घरों में एलपीजी सिलेंडर बुक नहीं हो सकेंगे। इसके अलावा, रिफिलिंग के लिए नई समय सीमाएं भी लागू की गई हैं। जानें इन नए नियमों के पीछे की रणनीति और ग्राहकों को मिलने वाले लाभ के बारे में।
 

रसोई गैस के नए नियमों की शुरुआत

यदि आपके घर में पाइप वाली गैस (PNG) और रसोई गैस का सिलेंडर (LPG) दोनों हैं, तो 1 जून से आपके रसोई के नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन होने जा रहे हैं। गैस सब्सिडी, रिफिलिंग प्रक्रियाओं और नए कनेक्शनों के लिए नियमों में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। सबसे बड़ा परिवर्तन यह है कि अब एक ही पते पर केवल एक प्रकार का गैस कनेक्शन मान्य होगा। जिन घरों में पीएनजी की सुविधा है, वे अब एलपीजी सिलेंडर बुक नहीं कर सकेंगे। इसके साथ ही, दो सिलेंडरों की रिफिलिंग के लिए समय सीमा में भी बदलाव किया गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य गैस की कालाबाजारी को रोकना है.


पीएनजी कनेक्शन वाले ग्राहकों के लिए नई चुनौतियाँ

तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने अपने डिजिटल डेटाबेस को एकीकृत कर दिया है, जिससे यह पता लगाना आसान हो गया है कि कौन से परिवार एक ही पते पर पीएनजी और एलपीजी का उपयोग कर रहे हैं। नए नियमों के अनुसार, ऐसे ग्राहकों को अब अपना एलपीजी कनेक्शन छोड़ना होगा। यदि किसी घर में सक्रिय पीएनजी कनेक्शन पाया जाता है, तो वहां सिलेंडर की रिफिल बुकिंग अपने आप रोक दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर कंपनी आपका एलपीजी कनेक्शन निलंबित या स्थायी रूप से रद्द कर सकती है.


कनेक्शन छोड़ने पर विशेष लाभ

कई ग्राहकों को अपने सिलेंडर सरेंडर करने की बात सुनकर चिंता हो सकती है। इस समस्या का समाधान किया गया है। जो ग्राहक पीएनजी अपनाने के बाद अपना पुराना एलपीजी कनेक्शन बंद करवाएंगे, उन्हें गैस एजेंसियों से एक 'ट्रांसफर वाउचर' दिया जाएगा। इस वाउचर का लाभ यह है कि यदि भविष्य में आप किसी ऐसे क्षेत्र में जाते हैं जहां पीएनजी की सुविधा नहीं है, तो आप बिना किसी परेशानी के अपना एलपीजी कनेक्शन फिर से चालू करवा सकेंगे.


रिफिल बुकिंग के लिए नई समय सीमा

गैस बुकिंग की प्रक्रिया में भी नए नियम लागू किए गए हैं। अब दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच एक निश्चित अंतराल रखना अनिवार्य है। शहरी ग्राहकों को नया सिलेंडर बुक करने के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह समय सीमा 45 दिन है। अच्छी बात यह है कि सालाना 12 सब्सिडी वाले सिलेंडरों के कोटे में कोई कमी नहीं की गई है, और नए कनेक्शन के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट, रेगुलेटर चार्ज और इंस्टॉलेशन फीस में भी बदलाव किए गए हैं.


कालाबाजारी रोकने के लिए नई रणनीति

इन सभी सख्त कदमों के पीछे एक स्पष्ट योजना है। कई स्थानों पर सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग की शिकायतें मिली थीं। पीएनजी वाले घरों में रखे खाली सिलेंडर गैस की कालाबाजारी का साधन बन सकते थे। इस डिजिटल एकीकरण से सिस्टम में पारदर्शिता आएगी। इसके अलावा, देशभर में पाइप वाली गैस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए चल रहे 'राष्ट्रीय पीएनजी ड्राइव 2.0' अभियान की समय सीमा भी 30 जून तक बढ़ा दी गई है.