रविचंद्रन अश्विन ने धोनी के खिलाफ जश्न मनाने की कहानी साझा की
अश्विन का धोनी के खिलाफ जश्न
भारत के प्रमुख स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने हाल ही में एक कार्यक्रम में बताया कि कैसे उन्होंने अपने करियर के प्रारंभिक दिनों में चैलेंजर ट्रॉफी में महेंद्र सिंह धोनी को आउट करने के बाद अत्यधिक जश्न मनाया था, जिससे धोनी नाराज हो गए थे।
अश्विन ने कहा कि उन्हें लगा था कि धोनी को आउट करने से उन्हें आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के लिए खेलने का अवसर मिल सकता है।
अश्विन ने बताया, 'सीएसके में मुथैया मुरलीधरन जैसे दिग्गज खिलाड़ी थे, जो अपने ओवर पूरे कर रहे थे। इसलिए मुझे खेलने का मौका नहीं मिल रहा था। मैंने 2008 में नहीं खेला, लेकिन 2009 में मुझे मुंबई इंडियंस के खिलाफ सचिन तेंदुलकर के सामने अपना पहला मैच खेलने का अवसर मिला।'
उन्होंने आगे कहा, 'चैलेंजर ट्रॉफी में मुझे धोनी को गेंदबाजी करने का मौका मिला। मैंने उन्हें दो बार आउट किया। एक बार मैंने कैच लपका और जश्न मनाया, जिससे वह नाराज हो गए।' उन्होंने कहा, 'धोनी ने मुझसे पूछा कि इतना जश्न मनाने की क्या जरूरत थी। मैंने कहा कि आपका विकेट लेना मेरा सपना था।'
अश्विन ने अपने आईपीएल करियर का अंत सीएसके के साथ किया, क्योंकि वह वहीं से शुरू करना चाहते थे। उन्होंने कहा, 'जब मुझे दोबारा सीएसके के लिए खेलने का मौका मिला, तो मैंने सोचा कि मैं उसी टीम के साथ अपने करियर को खत्म करूंगा।'
उन्होंने यह भी कहा कि उनका सपना था कि वह चेपॉक में अपने करियर का अंत करें, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उनका आखिरी आईपीएल मैच दिल्ली में था। उन्होंने कहा, 'मेरे दिल के करीब चेपॉक का मैदान है।'
अश्विन ने अपने अंतिम विकेट के बारे में भी बात की, जो युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी का था। उन्होंने कहा, 'क्रिकेट बदल गया है और नई पीढ़ी के खिलाड़ी स्पिनरों की गेंदों को उनकी लेंथ से बाहर जाकर खेलते हैं। मैंने वैभव को गेंद की फ्लाइट से चकमा देने की कोशिश की।'