रणवीर सिंह को कर्नाटक हाईकोर्ट से मिली राहत, माफी मांगने जाएंगे चामुंडेश्वरी मंदिर
रणवीर सिंह की मिमिक्री विवाद में कोर्ट का फैसला
रणवीर सिंह कांतारा मिमिक्री विवाद: कांतारा फिल्म में दिखाए गए देवता को भूत कहने और मिमिक्री करने के मामले में बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को कर्नाटक हाईकोर्ट से महत्वपूर्ण राहत मिली है। आज की सुनवाई में कोर्ट ने रणवीर के माफीनामे को स्वीकार कर लिया है, लेकिन एक शर्त भी रखी है। इसके अनुसार, अभिनेता को चार हफ्तों के भीतर चामुंडेश्वरी मंदिर जाकर माफी मांगनी होगी।
रणवीर सिंह ने 25 अप्रैल को अपने एफिडेविट में माफीनामा पेश किया था, जिस पर कोर्ट ने विचार करने का समय मांगा था। शिकायतकर्ता का कहना है कि एफिडेविट को सही माफीनामा नहीं माना जा सकता है।
मंदिर में जाकर मागेंगे माफी
एक रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने मौखिक रूप से रणवीर सिंह के माफीनामे को मंजूर करते हुए केस को रद्द करने की बात कही है। साथ ही, अभिनेता को मैसूर के मंदिर में जाकर माफी मांगने की शर्त रखी गई है। पिछले साल दिसंबर में इस मामले के सामने आने के बाद काफी हंगामा हुआ था। विवाद बढ़ने पर रणवीर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर माफी मांगी थी।
विवाद की शुरुआत
पिछले साल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) में रणवीर सिंह ने मंच पर चामुंडा देवी का मजाक बनाया था। इस दौरान उनका ऋषभ शेट्टी की मिमिक्री करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ। मंच से उतरने के बाद भी उनका एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वे ऋषभ शेट्टी के सामने चामुंडी देवी की मिमिक्री करते दिखे।
इस पर ऋषभ शेट्टी ने रणवीर को इशारे से रोकने की कोशिश की। वीडियो वायरल होने के बाद रणवीर की आलोचना हुई, और इस मामले में बैंगलोर के हाई ग्राउंड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई।
चामुंडेश्वरी मंदिर का महत्व
कांतारा फिल्म में दिखाई गई दैव परंपरा का चामुंडेश्वरी मंदिर से गहरा संबंध है। चावुंडी दैव, मैसूर की चामुंडेश्वरी का क्षेत्रीय रूप है। मान्यता है कि मां चामुंडेश्वरी ने महिषासुर का वध इसी मंदिर में किया था। चावुंडी दैव की परंपरा शक्ति-उपासना से जुड़ी है, जो आदिवासी और भारतीय लोक कथाओं के माध्यम से शक्ति के उग्र रूप का सम्मान करती है। चामुंडा देवी चंड और मुंड नाम के असुरों का वध करने वाली देवी मानी जाती हैं।