रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मेवाड़ के महाराणा भूपाल सिंह की विरासत को सराहा
महाराणा भूपाल सिंह के योगदान पर प्रकाश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक भारत अपने प्राचीन अतीत और सांस्कृतिक परंपराओं को मान्यता देकर शक्ति और गौरव प्राप्त करता है। उदयपुर में मेवाड़ के महाराणा भूपाल सिंह जी के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय के 104वें स्थापना दिवस समारोह में बोलते हुए, उन्होंने विज्ञान, चिकित्सा, गणित, व्याकरण, दर्शन और नैतिकता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भारत के योगदान पर जोर दिया।
सिंह ने कहा कि आज का भारत अपने अतीत पर गर्व करता है और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को महत्व देता है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत की धरती ने कई महान विद्वानों को जन्म दिया, जैसे चरक, सुश्रुत, आर्यभट, और ब्रह्मगुप्त।
राजनाथ सिंह ने महाराणा भूपाल सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी शिक्षाविद और समर्पित देशभक्त बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा भूपाल जी ने चित्तौड़ में हिंदू विश्वविद्यालय, उदयपुर में कृषि महाविद्यालय और बालिका शिक्षा के लिए कई विद्यालयों की स्थापना की।
उन्होंने कहा कि इस संस्थान का नाम महाराणा भूपाल सिंह जी के नाम पर रखा गया है, जो केवल एक शासक नहीं, बल्कि एक शिक्षाविद भी थे।