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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 8 अप्रैल को पश्चिम एशिया में उत्पन्न हो रही स्थिति पर मंत्रियों के अनौपचारिक अधिकार प्राप्त समूह की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में आवश्यक वस्तुओं की निरंतर उपलब्धता और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की गई। सिंह ने जनगणना 2027 की प्रक्रिया में भाग लेने की जानकारी भी साझा की। जानें इस बैठक के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।
 

पश्चिम एशिया में स्थिति की समीक्षा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 8 अप्रैल को पश्चिम एशिया में उत्पन्न हो रही स्थिति पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मंत्रियों के अनौपचारिक अधिकार प्राप्त समूह (आईजीओएम) की तीसरी बैठक का आयोजन किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आवश्यक वस्तुओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना और क्षेत्रीय तनावों के प्रभाव से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले कदमों का मूल्यांकन करना था। 


सरकार की सुरक्षा उपायों की समीक्षा

राजनाथ सिंह ने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने पश्चिम एशिया पर मंत्रियों के समूह की तीसरी बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि इस बैठक में पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के मद्देनजर उठाए गए उपायों की समीक्षा की गई। सरकार किसानों के लिए एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और उर्वरकों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कोई बाधा न आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, सरकार नागरिकों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।


मंत्रियों के समूह की दूसरी बैठक

मंत्रियों के समूह की दूसरी बैठक 3 अप्रैल को आयोजित की गई थी, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण चौबीसों घंटे निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया गया। सिंह ने कहा कि मंत्रियों को भू-राजनीतिक स्थिति से संबंधित सरकारी उपायों की जानकारी दी गई और संघर्ष से उत्पन्न होने वाले किसी भी प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए आगे के कदमों पर चर्चा की गई।


जनगणना 2027 की प्रक्रिया

सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लिया है, जिसका पहला चरण शुरू हो चुका है। इस चरण में घरों की सूची बनाना और आवास संबंधी कार्य शामिल हैं। उन्होंने नागरिकों से इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया, जिससे विकसित भारत की मजबूत नींव रखने में मदद मिलेगी।