रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की बीआरओ पर संसदीय समिति की बैठक में सुरक्षा तैयारियों पर चर्चा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन पर संसदीय समिति की बैठक में सुरक्षा तैयारियों और बुनियादी ढांचे के विकास पर चर्चा की। बैठक में हाल की वैश्विक सुरक्षा घटनाओं का आकलन किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के प्रभावों पर चिंता जताई। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में और क्या कहा गया।
Mar 25, 2026, 14:47 IST
संसदीय समिति की बैठक में सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर जोर
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 25 मार्च को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के संबंध में संसदीय परामर्श समिति की अध्यक्षता की। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने और परिचालन तैयारियों को बेहतर बनाने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के विकास को तेज करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। राजनाथ सिंह ने X पर एक पोस्ट में बताया कि इस बैठक में बीआरओ से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई, जिसका उद्देश्य रक्षा और अवसंरचना विकास को मजबूत करना है।
रक्षा तैयारियों की समीक्षा बैठक
रक्षा मंत्री ने 24 मार्च को हाल की वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा घटनाओं के संदर्भ में भारत की रक्षा तैयारियों का आकलन करने के लिए एक समीक्षा बैठक बुलाई थी। इस बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह, जनरल उपेंद्र द्विवेदी, एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अध्यक्ष समीर कामत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
पश्चिम एशिया में संघर्ष का प्रभाव
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने व्यापार मार्गों को बाधित कर दिया है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद स्थिति और बिगड़ गई। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कई खाड़ी देशों में इजरायल और अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाया, जिससे जलमार्ग में और अधिक व्यवधान उत्पन्न हुआ है, जिसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों और वैश्विक आर्थिक स्थिरता पर पड़ा है।
प्रधानमंत्री मोदी का बयान
प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों और उनके भारत पर संभावित प्रभावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने स्थिति को "चिंताजनक" बताया और कहा कि इस संघर्ष से अभूतपूर्व आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं। प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र से भारत के कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति के महत्व पर भी प्रकाश डाला।