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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की किर्गिस्तान में एससीओ बैठक में महत्वपूर्ण वार्ताएँ

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने किर्गिज, कजाख और बेलारूसी समकक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ताएँ कीं। राजनाथ सिंह ने स्वास्थ्य मैत्री हेल्थ क्यूब उपहार में दिए और किर्गिज सैन्य संस्थानों में तकनीकी सहायता की घोषणा की। उन्होंने चीन और रूस के रक्षा मंत्रियों से भी मुलाकात की, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा की गई।
 

रक्षा मंत्री की द्विपक्षीय बैठकें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान किर्गिज, कजाख और बेलारूसी समकक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ताएँ कीं। किर्गिस्तान के रक्षा मंत्री मेजर जनरल मुकामबेटोव रुस्लान मुस्तफायेविच के साथ हुई चर्चा में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर विचार किया।


BHISHM स्वास्थ्य मैत्री उपहार

राजनाथ सिंह ने किर्गिज पक्ष को दो BHISHM (Bharat Health Initiative for Sahyog, Hita and Maitri) आरोग्य मैत्री हेल्थ क्यूब उपहार में दिए, जो भारत में स्वदेशी रूप से विकसित किए गए हैं। इनका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मानवीय सहायता, आपदा राहत और खोज एवं बचाव कार्यों को सुनिश्चित करना है।


ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण का समापन

राजनाथ सिंह ने किर्गिज सैन्य संस्थान और सैन्य इकाई 36806-ओश के आईटी केंद्रों में 12-12 कंप्यूटर सिस्टम की उपलब्धता की परियोजना के सफल समापन की घोषणा की। इसके साथ ही, किर्गिज सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए वॉरगेमिंग सॉफ्टवेयर की सफल स्थापना और ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण भी पूरा किया गया।


कजाकिस्तान के रक्षा मंत्री के साथ बैठक

कजाकिस्तान के रक्षा मंत्री के साथ अपनी बैठक में, राजनाथ सिंह ने बताया कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग कई क्षेत्रों को कवर करता है और यह द्विपक्षीय साझेदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।


किर्गिज राष्ट्रपति से शिष्टाचार भेंट

बेलारूस के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर खेनिन के साथ बैठक के दौरान, राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत बेलारूस के साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी को प्राथमिकता देता है। इसके अलावा, उन्होंने किर्गिज राष्ट्रपति सादिर जापारोव से शिष्टाचार भेंट की और बिश्केक के विजय चौक पर पुष्पांजलि अर्पित की।


चीन और रूस के रक्षा मंत्रियों से मुलाकात

राजनाथ सिंह ने बिश्केक में अपने चीनी समकक्ष एडमिरल डोंग जून से भी मुलाकात की। इस दौरान, उन्होंने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर चर्चा की। यह बैठक भारत और चीन के बीच तनाव को कम करने के प्रयासों के बीच हुई।


रूस के रक्षा मंत्री से वार्ता

राजनाथ सिंह ने रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोसोव से भी बातचीत की। दोनों ने भारत को एस-400 वायु रक्षा मिसाइलों की आपूर्ति सहित विभिन्न रक्षा खरीद परियोजनाओं पर चर्चा की।


पांच अरब डॉलर का समझौता

भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ पांच अरब अमेरिकी डॉलर का समझौता किया था, जिसके तहत पांच मिसाइल प्रणाली इकाइयों की खरीद की जानी थी। इनमें से तीन इकाइयाँ पहले ही भारत को सौंप दी गई हैं।


रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में कदम

राजनाथ सिंह ने ‘एक्स’ पर कहा कि बिश्केक में एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान बेलारूस के रक्षा मंत्री से उनकी बातचीत का मुख्य फोकस दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करना था।