रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पाकिस्तान पर कड़ा संदेश: आतंकवाद का सामना करने की क्षमता
भारत की शक्ति का प्रदर्शन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया है कि आतंकवाद के माध्यम से भारत को डराने की कोशिश करने वालों का क्या परिणाम होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत, पाकिस्तान की किसी भी गलत हरकत का ऐसा जवाब देने में सक्षम है जो उनकी सोच से परे होगा। कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर कारगिल युद्ध स्मारक पर बोलते हुए, उन्होंने पाकिस्तान पर तीखा हमला किया और कहा कि उसने आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति बना लिया है।
पीओके पर चर्चा का नया दृष्टिकोण
राजनाथ सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब पाकिस्तान के साथ केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर ही बातचीत होगी, क्योंकि यह भारत का अभिन्न हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। उन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध की ऐतिहासिक जीत को भारत माता के मुकुट का हीरा बताया और कहा कि देश अपने वीर सैनिकों की शहादत को कभी नहीं भूलेगा।
ऑपरेशन सिंदूर का प्रभाव
रक्षा मंत्री ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में मई 2025 में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के माध्यम से भारतीय सेना ने आतंकवाद के आकाओं और उनके सहयोगियों को धूल चटा दी थी। उन्होंने चेतावनी दी कि भारत की एकता और अखंडता पर किसी की भी नजर उठाने का परिणाम हमेशा भयानक होगा।
भारत की तकनीकी प्रगति
राजनाथ सिंह ने दोनों देशों की सोच में अंतर को उजागर करते हुए कहा कि आज भारत रक्षा क्षेत्र में नई तकनीक और आधुनिक युद्धपोत विकसित कर रहा है, जबकि पाकिस्तान केवल घुसपैठ और आतंकवाद के नए रास्ते खोजने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत लगातार प्रगति कर रहा है, जबकि पाकिस्तान अपनी नापाक गतिविधियों में व्यस्त है।
कारगिल विजय दिवस का महत्व
कारगिल विजय दिवस हर साल भारतीय सेना के ऑपरेशन विजय की ऐतिहासिक सफलता की याद में मनाया जाता है। 1999 में पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़कर भारतीय सेना ने कारगिल की ऊंची चोटियों पर फिर से तिरंगा फहराया था। 26 जुलाई 1999 को मिली इस महान जीत के सम्मान में हर साल इस दिन को पूरे देश में गर्व के साथ मनाया जाता है।