योगी सरकार की नई पहल: अंबेडकर स्मारकों का सौंदर्यीकरण और शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाना
योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अंबेडकर जयंती से पहले सामाजिक न्याय के प्रतीक स्मारकों के संरक्षण के लिए एक नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत, अंबेडकर की प्रतिमाओं को सजावटी छतरियों और अन्य सौंदर्यीकरण उपायों के साथ उन्नत किया जाएगा। इसके अलावा, शिक्षा मित्रों और अंशकालिक प्रशिक्षकों के मानदेय में भी वृद्धि की गई है। जानें इस पहल के बारे में और क्या-क्या बदलाव होंगे।
Apr 7, 2026, 16:29 IST
अंबेडकर जयंती से पहले महत्वपूर्ण निर्णय
योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अंबेडकर जयंती से पहले सामाजिक न्याय के प्रतीक माने जाने वाले स्मारकों के संरक्षण और संवर्धन के लिए एक महत्वपूर्ण योजना को मंजूरी दी है। इस निर्णय के तहत, बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमाओं को सजावटी छतरियों, चारदीवारी और अन्य सौंदर्यीकरण उपायों के साथ उन्नत किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य इन स्मारकों की सुरक्षा और सांस्कृतिक महत्व को बढ़ाना है।
विकास योजना का विस्तार
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक व्यापक विकास योजना के तहत हर विधानसभा क्षेत्र में 10 स्मारक स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए 403 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह योजना केवल अंबेडकर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें रविदास, कबीर, ज्योतिराव फुले और वाल्मीकि जैसे समाज सुधारकों की प्रतिमाओं और स्मारकों को भी शामिल किया जाएगा।
सार्वजनिक स्थानों पर सौंदर्यीकरण
पहले चरण में, सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित प्रतिमाओं के सौंदर्यीकरण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिससे बेहतर बुनियादी ढांचा और दृश्य सौंदर्य सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही, शिक्षा मित्रों और अंशकालिक प्रशिक्षकों के मासिक मानदेय में भी वृद्धि की गई है। शिक्षा मित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये और अंशकालिक प्रशिक्षकों का मानदेय 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये प्रति माह किया गया है।
भुगतान में संशोधन
संशोधित भुगतान 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगे, और लाभार्थियों को मई से बढ़ी हुई राशि मिलने लगेगी। इस निर्णय से लगभग 1.43 लाख शिक्षा मित्रों और 24,717 अंशकालिक प्रशिक्षकों को लाभ होगा। इस वृद्धि के कारण सरकार पर प्रतिवर्ष 1,475 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।