योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में सुधार के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री का नया निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को राज्य में होमगार्ड के खाली पदों पर तुरंत नई भर्ती शुरू करने का आदेश दिया। उन्होंने होमगार्ड पंजीकरण से संबंधित नियमों में बदलाव पर जोर देते हुए एक नया बोर्ड बनाने के लिए पुलिस भर्ती एवं प्रशिक्षण बोर्ड के सहयोग का निर्देश दिया, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष हो सके।
बैठक में चर्चा
एक उच्चस्तरीय बैठक में, मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और आपात स्थितियों में होमगार्ड स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।
वर्तमान स्थिति
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1,18,348 स्वीकृत पदों के मुकाबले 71,155 होमगार्ड सक्रिय हैं। अगले दस वर्षों में लगभग 38,000 स्वयंसेवक सेवानिवृत्त होंगे, और वर्तमान बल में 50 वर्ष से अधिक आयु के 51 प्रतिशत से अधिक स्वयंसेवक कार्यरत हैं।
युवाओं को अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को अधिक अवसर देने और सेवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए पात्रता, परीक्षा और चयन प्रक्रिया में बदलाव की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि पंजीकरण की अधिकतम आयु 30 वर्ष होनी चाहिए।
चयन प्रक्रिया में सुधार
उन्होंने यह भी कहा कि चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा को अनिवार्य किया जाना चाहिए, और पात्रता मानकों को समयानुकूल बनाना चाहिए। आपदा प्रबंधन में अनुभव या प्रशिक्षण प्राप्त लोगों को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया गया।
सेवाओं का विस्तार
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि होमगार्ड्स की सेवाएं पुलिस प्रशासन, यातायात प्रबंधन, शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन, खनन, नगरीय निकायों, दूरदर्शन, आकाशवाणी, एफसीआई और विकास प्राधिकरणों में ली जा रही हैं। हाल ही में हुए चुनावों और महाकुंभ-2025 जैसे आयोजनों में भी होमगार्ड्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
डिजिटल प्रक्रिया
मुख्यमंत्री को बताया गया कि विभाग की सभी प्रक्रियाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। ड्यूटी आवंटन, भत्तों का भुगतान, अनुग्रह राशि और पेंशन जैसी व्यवस्थाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी हैं। होमगार्ड मित्र ऐप ने कार्यप्रणाली को और अधिक सरल और पारदर्शी बना दिया है।
प्रशिक्षण व्यवस्था
प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान और 12 मंडलीय प्रशिक्षण केंद्र सक्रिय हैं, जहां हर साल 15,000 से अधिक स्वयंसेवकों को नियमित और उन्नत प्रशिक्षण दिया जाता है।