योगी आदित्यनाथ ने रामधारी सिंह दिनकर की कृति ‘रश्मिरथी’ पर आयोजित महोत्सव में दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री का संबोधन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध कृति ‘रश्मिरथी’ आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने जातिवाद के नाम पर समाज को विभाजित करने वाली शक्तियों से सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया।
योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी महोत्सव’ के उद्घाटन सत्र में कहा कि यह कार्यक्रम दिनकर की 52वीं पुण्यतिथि और ‘रश्मिरथी’ के प्रकाशन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘हम यहां दिनकर जी की काव्यकृति पर आधारित नाट्य-शृंखला का मंचन देखेंगे, जिसमें मां सरस्वती की प्रेरणा का वर्णन होगा। इस अवसर पर मैं दिनकर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।’
स्वतंत्रता और सामाजिक चेतना
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यदि हम अपनी स्वतंत्रता को बनाए रखना चाहते हैं और आत्मनिर्भर भारत का सपना देख रहे हैं, तो हमें उन गद्दारों के खिलाफ सजग रहना चाहिए, जो जातिवाद के नाम पर समाज को कमजोर करते हैं। यह प्रेरणा दिनकर जी ने हमें कई दशकों पहले दी थी।’
आपातकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दिनकर जी ने उस समय भी लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाई थी। उन्होंने कहा, ‘भारत हमेशा से संसाधनों में समृद्ध रहा है, लेकिन कुछ कमजोरियों के कारण हमें गुलामी का सामना करना पड़ा।’
साहित्यिक कार्यों को बढ़ावा
योगी आदित्यनाथ ने संस्कृति विभाग को निर्देश दिए कि वे ऐसे साहित्यिक कार्यों को बढ़ावा दें जो नई पीढ़ी को प्रेरित करें। महोत्सव के दौरान स्वामी विवेकानंद पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी होगी।
मुख्यमंत्री ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का उल्लेख करते हुए कहा कि 26 अप्रैल को उनके जीवन पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने तिलक के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को भी याद किया।
दिनकर की विरासत
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘रामधारी सिंह दिनकर ने समाज को एकजुट करने और सामाजिक चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यों ने देश की चेतना को मजबूत किया।’
रामधारी सिंह दिनकर का जन्म 23 सितंबर, 1908 को बिहार के मुंगेर में हुआ था। उनकी कृति ‘रश्मिरथी’ 1952 में प्रकाशित हुई थी और उन्हें 1959 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनका निधन 24 अप्रैल 1974 को हुआ।