योगी आदित्यनाथ ने यामानाशी प्रांत के गवर्नर से की मुलाकात, हरित हाइड्रोजन पर समझौता
मुख्यमंत्री की जापान यात्रा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को जापान के यामानाशी प्रांत के गवर्नर कोतारो नागासाकी से मुलाकात की। इस दौरान, दोनों पक्षों ने हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इस समझौते के तहत भारतीय छात्रों को जापान में उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यामानाशी में आयोजित 'यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो' में प्रदेश की नई विकास नीति और निवेश संभावनाओं को वैश्विक उद्योग जगत के समक्ष प्रस्तुत किया।
हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी पर समझौता
कार्यक्रम के दौरान, आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी पर एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अंतर्गत, उत्तर प्रदेश के उच्च प्रौद्योगिकी संस्थानों के छात्र जापान में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुद्ध शून्य लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी अगुवाई में राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने टोक्यो में कई जी2जी (सरकार से सरकार) और जी2बी (सरकार से व्यवसाय) स्तर की बैठकों में भाग लिया, जहां भारतीय दूतावास के सहयोग से जापानी उद्योग समूहों से संवाद हुआ।
भविष्य की प्रौद्योगिकी पर जोर
बयान के अनुसार, आदित्यनाथ ने 'रोबोटिक्स' को भविष्य की प्रमुख प्रौद्योगिकी बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट में 'रोबोटिक्स' के लिए 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित करने की योजना बनाई है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच सहयोग भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाएगा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता तथा प्रौद्योगिकी को आम जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जापान सरकार का आभार
आदित्यनाथ ने यामानाशी प्रांत के गवर्नर और उनके दल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जापान सरकार और यामानाशी प्रशासन ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल को उनके विशिष्ट क्षेत्रों को नजदीक से समझने और उद्योग जगत से सीधे संवाद का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख उद्योगपतियों और भारतीय समुदाय के लोगों का भी अभिवादन किया।
इससे पहले, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा की, जिसमें कहा गया कि जापान के यामानाशी प्रांत में उत्तर प्रदेश-यामानाशी सहयोग को और मजबूत करने के लिए गवर्नर कोतारो नागासाकी के साथ सार्थक बातचीत हुई।
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
उन्होंने कहा कि उद्योग, पर्यटन और प्राविधिक शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जो हरित हाइड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा नवोन्मेष और प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान पर केंद्रित हैं।
इसमें उल्लेख किया गया है कि उत्तर प्रदेश, ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सतत भविष्य के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए आईआईटी कानपुर को हरित हाइड्रोजन में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित कर रहा है।