×

योगी आदित्यनाथ ने तिरंगा यात्रा में राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान बढ़ाने की बात की

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में तिरंगा यात्रा के दौरान राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में रहकर किसी को भी इन प्रतीकों का अपमान नहीं करना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और युवाओं से 'हर घर तिरंगा' अभियान में भाग लेने की अपील की। यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए, जो देश की स्वतंत्रता के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर रहे थे।
 

तिरंगा यात्रा का आयोजन

लखनऊ, 9 अगस्त: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को एक महत्वपूर्ण बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत में रहकर किसी को भी राष्ट्रीय प्रतीकों, महापुरुषों, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का अपमान नहीं करना चाहिए। यह बयान उन्होंने काकोरी ट्रेन कार्रवाई की 101वीं वर्षगांठ के अवसर पर लखनऊ में तिरंगा यात्रा की शुरुआत करते हुए दिया। उन्होंने सभा में कहा, "हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को बढ़ाने के लिए कदम उठाए और इनके अपमान को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखा।"


आदित्यनाथ ने आगे कहा, "अब यह नहीं चलेगा कि लोग भारत में रहकर राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करें।" इस तिरंगा यात्रा का आयोजन मुख्यमंत्री आवास से विधान भवन तक किया गया, जिसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य एवं बृजेश पाठक समेत हजारों लोग शामिल हुए।


स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने सभा में कहा कि राष्ट्रध्वज भारत की सादगी, विकास और विरासत का प्रतीक है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन सैनिकों को याद किया जिन्होंने आजादी के बाद देश की रक्षा के लिए बलिदान दिया। उन्होंने कहा, "आज काकोरी ट्रेन कार्रवाई की 101वीं वर्षगांठ है।"


इस अवसर पर भाजपा ने देशभर में तिरंगा यात्रा निकालकर महान क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की। आदित्यनाथ ने राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्लाह खान के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 1925 में काकोरी ट्रेन कार्रवाई के माध्यम से अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी थी।


युवाओं की भागीदारी

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह वर्ष विशेष है क्योंकि देश राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है। उन्होंने कहा, "हमारे युवा प्रतिभाशाली और ऊर्जा से भरपूर हैं।"


आदित्यनाथ ने बताया कि तिरंगा यात्रा में लगभग 25,000 से 30,000 युवाओं के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कहा, "सुबह साढ़े आठ बजे तक 25,000 से अधिक युवा यहां एकत्र हो चुके थे और अब उनकी संख्या 30,000 को पार कर रही है।" उन्होंने लोगों से 15 अगस्त को 'हर घर तिरंगा' अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।