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योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट 2026-27 को महिलाओं और युवाओं के लिए महत्वपूर्ण बताया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट 2026-27 को आम जनता और विशेष रूप से महिलाओं के लिए केंद्रित बताया। उन्होंने इस बजट को 'विकसित भारत' के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना। बजट में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन अवसंरचना विकास के लिए किया गया है, जिसमें सात रेल गलियारों का निर्माण शामिल है। इसके अलावा, कामकाजी महिलाओं और युवाओं के लिए छात्रावासों के विकास पर भी जोर दिया गया है। यह बजट मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर लाएगा।
 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का केंद्रीय बजट पर बयान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय बजट को आम जनता और विशेष रूप से महिलाओं के लिए केंद्रित बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट का उद्देश्य 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करना है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को बजट के दिशा-निर्देशों के लिए धन्यवाद दिया और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की भी सराहना की।


बजट में अवसंरचना विकास के लिए बड़ा आवंटन

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि बजट में अवसंरचना विकास के लिए 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है, जिसमें सात रेल गलियारों का निर्माण शामिल है। उन्होंने कहा कि यह बजट देश के 145 करोड़ लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है और 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण का प्रतीक है।


महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष प्रावधान

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बजट में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावासों के विकास पर जोर दिया गया है, साथ ही गणित, विज्ञान, सांख्यिकी और उभरती प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में भी छात्रावासों का विकास किया जाएगा। इससे युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार होगा।


बजट का स्वागत

योगी आदित्यनाथ ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह महिलाओं, युवाओं, किसानों, व्यापारियों और आम लोगों के लिए नए अवसर लाएगा। उन्होंने कहा कि यह बजट मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भी महत्वपूर्ण है और इसे एक नए भारत के निर्माण की दिशा में एक कदम माना जा सकता है।


वित्त मंत्री का बजट पेश करना

इससे पहले, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। उन्होंने इसे युवशक्ति से प्रेरित और तीन कर्तव्यों पर आधारित बताया, जिसमें अगले पांच वर्षों में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 20 राष्ट्रीय जलमार्गों को चालू करने का प्रस्ताव शामिल है।