योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और सपा पर NEET विरोध के दौरान अशांति फैलाने का आरोप लगाया
मुख्यमंत्री का आरोप
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वे NEET विरोध-प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली में संसद सत्र को घेरकर अशांति उत्पन्न करने और छात्रों की छवि को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। गोरखपुर में एक सभा में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के शासन में कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाया गया और विस्थापित किया गया, तब विपक्षी दल मौन रहे। लेकिन जब नरेंद्र मोदी सरकार ने हिंदुओं की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया, तो उन्होंने नकारात्मक प्रचार करने की कोशिश की।
विरोध प्रदर्शन और अशांति
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में संसद सत्र के दौरान हंगामा किया और माहौल को खराब करने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी कहा कि जब कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाया गया, तब ये दल चुप रहे। लेकिन जब मोदी सरकार ने हिंदुओं की सुरक्षा की बात की, तो उन्होंने इसके खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की। इसके अलावा, उन्होंने विरोध-प्रदर्शनों, आंदोलनों और अन्य अशांति फैलाने वाली गतिविधियों का भी जिक्र किया।
राजनीतिक स्थिति
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि न केवल दिल्ली में, बल्कि उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्षी दलों को इसमें सफलता नहीं मिली, तो उन्होंने किसानों को भड़काने का प्रयास किया। पंजाब और हरियाणा के किसानों को प्रभावित करके आंदोलन शुरू करने की कोशिश की गई।
कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी
यह घटनाक्रम मंगलवार शाम को दिल्ली पुलिस द्वारा कांग्रेस नेताओं, जिनमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल थे, को हिरासत में लिए जाने के बाद हुआ। ये नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास के पास विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। कांग्रेस नेता NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जवाबदेही की मांग कर रहे थे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।