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योगी आदित्यनाथ ने आगरा में अधिकारियों को चेताया, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि सड़कें ठीक नहीं की गईं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत पेयजल पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत में लापरवाही पर नाराजगी जताई। इसके अलावा, फुटपाथ पर दुकानदारों के लिए उचित स्थान देने और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में और क्या कहा गया।
 

मुख्यमंत्री का आगरा दौरा

आगरा (उप्र), 25 जुलाई: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आगरा में अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उखड़ी हुई सड़कें ठीक नहीं की गईं, तो उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आदित्यनाथ ने आगरा के दो दिवसीय दौरे के पहले दिन कमिश्नरी सभागार में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में विकास परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जनसुविधाओं और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को सहन नहीं किया जाएगा।


सड़क मरम्मत पर कड़ी नाराजगी

मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत में लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जल निगम के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि सड़क को तोड़ा गया है, तो ठेकेदार को उसे पुनर्निर्माण करना होगा। इसके अलावा, उन्होंने निर्देश दिया कि यदि कार्य संतोषजनक नहीं होता है, तो ठेकेदारों को काली सूची में डालने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।


संवेदनशीलता और स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशीलता बरतने का निर्देश देते हुए कहा कि फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को उजाड़ने के बजाय उन्हें उचित 'वेंडिंग जोन' में स्थान दिया जाए। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए, उन्होंने आयुष्मान कार्ड और सूचीबद्ध अस्पतालों के भुगतानों का सत्यापन कर जल्द निस्तारण के निर्देश दिए। इसके साथ ही, बेसिक शिक्षा विभाग के संदर्भ में, उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजे गए धन का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं।