योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ताओं के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की घोषणा की
मुख्यमंत्री का अधिवक्ताओं के प्रति समर्थन
गोरखपुर, 28 जुलाई: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार अधिवक्ताओं को ‘कैशलेस’ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की योजना बना रही है। इसके लिए एक उपयुक्त तंत्र विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बार एसोसिएशन, दीवानी अदालत, गोरखपुर की नई कार्यकारिणी समिति के परिचय समारोह में यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार अधिवक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। योगी ने अधिवक्ताओं को समाज का सजग प्रहरी बताते हुए कहा कि वे संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वे देश और समाज को कमजोर करने वाले प्रयासों के प्रति सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव और आर्थिक प्रगति से कुछ शक्तियां असहज हैं। योगी ने आरोप लगाया कि ये शक्तियां सोशल मीडिया अभियानों, फर्जी खातों और विभाजनकारी प्रयासों के माध्यम से समाज में जाति, क्षेत्र और धर्म के आधार पर मतभेद पैदा करने की कोशिश कर सकती हैं।
योगी ने अधिवक्ता समुदाय को इन चुनौतियों का सामना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि कानूनी बिरादरी की जिम्मेदारी है कि वे देश और समाज के हित में कार्य करें। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में देश ने बुनियादी ढांचे के विकास, विरासत संरक्षण और वैश्विक पहचान को मजबूत करने में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने पीठ और बार के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे आम नागरिकों को समय पर और सुलभ न्याय मिल सके। योगी ने बताया कि राज्य में एकीकृत न्यायालय परिसरों का विकास किया जा रहा है और अधिवक्ताओं तथा न्यायिक कर्मचारियों के लिए पेयजल, पुस्तकालय, कैंटीन और सभागार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नवनिर्वाचित बार एसोसिएशन के पदाधिकारी न्याय व्यवस्था को और मजबूत बनाने में योगदान देंगे।