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योगी आदित्यनाथ का सोमनाथ मंदिर पर बयान: सांस्कृतिक विरासत का महत्व

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी में 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' में सोमनाथ मंदिर के इतिहास पर चर्चा की। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद भारत की सांस्कृतिक विरासत को उचित मान्यता न मिलने का आरोप लगाया। योगी ने कहा कि उप-प्रधानमंत्री पटेल ने मंदिर के पुनर्निर्माण की पहल की थी, जबकि नेहरू ने इसका विरोध किया। उन्होंने सांस्कृतिक पुनरुद्धार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भारत अब अपनी जड़ों पर गर्व महसूस कर रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने विपक्षी दलों पर परिवार-केंद्रित राजनीति का आरोप लगाया और संगठित अपराध के खिलाफ अपनी सरकार की कार्रवाई का भी उल्लेख किया।
 

मुख्यमंत्री का संबोधन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को झांसी में 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' में भाग लेते हुए सोमनाथ मंदिर के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को उचित मान्यता नहीं मिली। मुख्यमंत्री ने गुजरात में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का उल्लेख करते हुए बताया कि उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने इसके जीर्णोद्धार की पहल की थी, जबकि उस समय के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इसका विरोध किया। योगी ने यह भी कहा कि जब भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर में मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेने का निर्णय लिया, तो तत्कालीन प्रधानमंत्री ने उन्हें ऐसा करने से रोका था। उनके अनुसार, ऐसे निर्णय औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाते हैं, जिसका प्रभाव उस समय की नीतियों और सोच पर था।


सांस्कृतिक पुनरुद्धार की आवश्यकता

योगी ने कहा कि देश में अभी भी गुलामी की मानसिकता का प्रभाव है, जिसके कारण भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को वह पहचान नहीं मिल पाई, जिसकी वे हकदार हैं। उन्होंने सांस्कृतिक पुनरुद्धार और राष्ट्रीय धरोहर के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भारत अब अपनी सभ्यता की जड़ों पर गर्व महसूस कर रहा है। हाल की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज़ाद भारत में पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में व्यक्तिगत रूप से भाग लिया है, जिसमें अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास और प्राण-प्रतिष्ठा समारोह शामिल हैं।


विपक्ष पर निशाना

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि इन दलों ने सत्ता में रहते हुए परिवार-केंद्रित राजनीति की। उन्होंने कहा कि जब इन दलों ने जनता का समर्थन खो दिया, तो उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए समाज को जाति के आधार पर बांटने का प्रयास किया। योगी ने कहा कि लोगों ने ऐसी राजनीति को नकार दिया है। जो लोग पहले केवल अपने परिवारों के लिए काम करते थे, वे अब समाज में विभाजन की कोशिश कर रहे हैं।


संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई

योगी ने उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध के खिलाफ अपनी सरकार की सख्त कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों की निरंतर कार्रवाई से राज्य के माफिया नेटवर्क या तो समाप्त कर दिए गए हैं या फिर बेअसर कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान विकास, सुशासन और भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने पर केंद्रित है।