योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर हमला: महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के मुद्दे
उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर कड़ा हमला किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर विपक्ष के रवैये को "दोहरा" करार दिया और 1995 के गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी की आलोचना की। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और ग्रामीण सुरक्षा पर भी अपने विचार साझा किए, यह बताते हुए कि कैसे स्वच्छता के प्रयासों ने महिलाओं की स्थिति में सुधार किया है। जानें उनके विचार और दावे इस विशेष सत्र में।
Apr 30, 2026, 12:49 IST
मुख्यमंत्री का विपक्ष पर कड़ा प्रहार
उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला किया। महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने हमेशा महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से संबंधित योजनाओं का विरोध किया है। उन्होंने संसद से लेकर सड़कों तक विपक्ष के रवैये को "दोहरा" बताया।
महिलाओं के उत्थान का विरोध
मुख्यमंत्री ने 'INDIA' गठबंधन की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए उठाए गए हर प्रगतिशील कदम में विपक्ष ने बाधा डाली है।
संसदीय आचरण: योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी विपक्षी दलों का नकारात्मक रवैया स्पष्ट था।
अस्थिरता का आरोप: उन्होंने कहा कि विपक्ष विकास की बात करता है, लेकिन जब ठोस प्रस्ताव सदन में आते हैं, तो वे अपनी राजनीति चमकाने के लिए उनका विरोध करते हैं।
1995 के गेस्ट हाउस कांड का जिक्र
महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए CM ने 1995 के 'स्टेट गेस्ट हाउस कांड' का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह घटना विपक्षी पार्टी के पिछले आचरण को दर्शाती है। योगी आदित्यनाथ ने मायावती से जुड़ी उस घटना को याद किया, जब 1995 में राजनीतिक तनाव के दौरान एक स्टेट गेस्ट हाउस में उन पर कथित तौर पर हमला किया गया था।
उन्होंने कहा, "हर किसी को 1995 की वह घटना याद है, जब राज्य की पहली दलित मुख्यमंत्री को गेस्ट हाउस में हमले का सामना करना पड़ा था। यह समाजवादी पार्टी के आचरण को दर्शाता है।" मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उस समय BJP ने मायावती का समर्थन करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप किया था।
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी पिछली घटनाएं उनके रिकॉर्ड को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करती हैं। उन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों की एक "लंबी सूची" बताया।
स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण पर ध्यान
योगी आदित्यनाथ ने जन स्वास्थ्य प्रयासों, विशेष रूप से एन्सेफलाइटिस जैसी बीमारियों के खिलाफ लड़ाई के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में एन्सेफलाइटिस के मामले बड़ी संख्या में होते थे, लेकिन पिछली सरकारें इसे नियंत्रित करने में असफल रही थीं।
उन्होंने कहा, “आपके ज़िलों में एन्सेफ़लाइटिस की वजह से सबसे ज़्यादा मौतें होती थीं। आप कुछ नहीं कर पाए। आज, डबल-इंजन सरकार के तहत, उत्तर प्रदेश में एन्सेफ़लाइटिस से कोई मौत नहीं होती।”
ग्रामीण सुरक्षा और महिलाओं की गरिमा
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण स्थितियों के बारे में भी कड़े बयान दिए, और कहा कि पहले गाँवों में महिलाओं को असुरक्षित स्थितियों का सामना करना पड़ता था, खासकर शाम के समय। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की कमी के कारण महिलाओं को असुरक्षित स्थितियों में जाना पड़ता था और सार्वजनिक जगहों पर छेड़छाड़ की घटनाएँ होती थीं।
उन्होंने आगे कहा कि स्वच्छ भारत मिशन लागू होने के साथ ही यह स्थिति बदल गई है, जिसका मुख्य ज़ोर ग्रामीण इलाकों में शौचालय बनाने और साफ़-सफ़ाई को बेहतर बनाने पर था।
विपक्ष के रवैये की आलोचना
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के व्यवहार की भी आलोचना की, और कहा कि उनका रुख़ मंच के हिसाब से बदलता रहता है। उन्होंने कहा, “संसद में और इस सदन में आपका व्यवहार पूरी तरह से अलग होता है। आप जिस तरह से रंग बदलते हैं, उसे देखकर तो गिरगिट भी शर्मा जाए।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और स्वास्थ्य सरकारी नीतियों के केंद्र में हैं, और उन्होंने बड़े पैमाने पर सुधार लाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई राष्ट्रीय पहलों को दिया।