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योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान: धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाना जरूरी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर में एक जनसभा में धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सूर्या चौहान हत्याकांड पर बात करते हुए कहा कि दोस्ती के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने पाकिस्तान से आए विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार देने और गोहत्या के खिलाफ सख्त कानून लागू करने की बात की। उनके बयान ने समाज में सुरक्षा और न्याय की आवश्यकता को उजागर किया है।
 

मुख्यमंत्री का बयान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर के अफजलगढ़ में एक जनसभा के दौरान एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने सूर्या चौहान हत्याकांड पर चर्चा करते हुए कहा कि धर्म की स्थापना के लिए सुदर्शन चक्र की आवश्यकता है, जिससे देश की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि सूर्या को दोस्ती के नाम पर धोखा दिया गया और बकरीद के दिन उसके साथ अनुचित व्यवहार किया गया, जिसके बाद पुलिस ने उचित कार्रवाई की।


दोस्ती की आड़ में हिंसा बर्दाश्त नहीं

योगी ने स्पष्ट किया कि दोस्ती के नाम पर हिंसा को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई अपनी नालायक संतान को समझाने में असफल है, तो यह उसकी सबसे बड़ी गलती है और उसे इसके लिए सजा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की संवेदनाएं हमेशा कानून का पालन करने वाले नागरिकों के साथ हैं। यदि कोई कानून व्यवस्था को चुनौती देगा, तो उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।


पाकिस्तान से आए परिवारों को भूमि अधिकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पाकिस्तान से विस्थापित परिवारों, पूर्व सैनिकों और पट्टेदारों को भूमि स्वामित्व अधिकार प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने 1645 विस्थापित परिवारों और पूर्व सैनिकों को भूमिधरी अधिकार पत्र प्रदान किए। उन्होंने कहा कि दशकों बाद इन परिवारों को उनकी पुश्तैनी संपत्तियों का अधिकार मिला है।


धर्म की रक्षा के लिए लड़ाई जरूरी

महाभारत और विदुर का उदाहरण देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति हमेशा धर्म की रक्षा का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि यदि सामने राक्षस है, तो शस्त्र उठाना आवश्यक है। जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। समाज को सही और गलत के बीच का अंतर समझना होगा और देश के खिलाफ विद्रोह करने वालों के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी।


गोहत्या के खिलाफ सख्त कानून

गोवंश संरक्षण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग गाय को राष्ट्रीय पशु मानते हैं, लेकिन उसे केवल एक पशु के रूप में संबोधित करते हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में गोहत्या के खिलाफ सख्त कानून लागू हैं और सरकार इस मुद्दे पर कोई ढिलाई नहीं बरतती। गोहत्या में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।