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योगी आदित्यनाथ का उत्तर प्रदेश में विकास और एआई पर जोर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर जोर दिया है। योगी ने 2026 तक समृद्धि और सुशासन के नए मानक स्थापित करने का विश्वास जताया है। लखनऊ और नोएडा में 'एआई सिटी' की स्थापना की योजना है, और 10 लाख नागरिकों को एआई प्रशिक्षण दिया जाएगा। जानें और क्या कुछ नया हो रहा है उत्तर प्रदेश में।
 

मुख्यमंत्री का विकास पर जोर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में, राज्य भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने एक पोस्ट में उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश में लागू की गई विकास और जन कल्याणकारी योजनाओं ने लोगों के जीवन स्तर में काफी सुधार किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों, जैसे गरीब, किसान, युवा और महिलाएं, तक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंच रहा है।


नए मानकों की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में 'नया उत्तर प्रदेश' 'विकसित भारत' की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2026 तक, दोहरे इंजन वाली सरकार की विकास नीतियां उत्तर प्रदेश को समृद्धि, सुशासन और प्रगति के नए मानक स्थापित करने में सक्षम बनाएंगी।


निवेश और एआई का महत्व

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को राज्य में निवेश और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग को बढ़ावा देने की बात की। उन्होंने कहा कि 2025 को प्रौद्योगिकी और डेटा में नवाचार के लिए याद किया जाएगा। एक खुले पत्र में, योगी ने बताया कि लखनऊ और नोएडा में 'एआई सिटी' की स्थापना की योजना बनाई जा रही है। इसके अलावा, 'एआई प्रज्ञा' पहल के तहत 10 लाख नागरिकों को एआई प्रशिक्षण दिया जा रहा है।


विश्व स्तर पर उत्तर प्रदेश का ब्रांड

मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा, "2026 में प्रवेश करने का समय है। वर्ष 2025 को प्रौद्योगिकी, एआई और डेटा में नवाचार के नए मानदंड स्थापित करने के लिए याद किया जाएगा। उत्तर प्रदेश अब निवेशकों के लिए विश्वास का राज्य बन गया है।" उन्होंने यह भी बताया कि जेवर में 3,700 करोड़ रुपये की लागत से एक सेमीकंडक्टर इकाई का निर्माण किया जा रहा है।


डेटा सेंटर नीति की सफलता

योगी ने कहा कि 'स्वदेशी केंद्र' और सुरक्षित डेटा पर केंद्रित डेटा सेंटर नीति की सफलता अब स्पष्ट हो रही है। उन्होंने बताया कि पांच हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्कों का व्यावसायिक उपयोग शुरू हो चुका है, और डेटा सेंटर क्षेत्र में 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का लक्ष्य रखा गया है।