यूरिक एसिड कम करने के लिए सरल घरेलू उपाय
यूरिक एसिड की समस्या और इसके कारण
यूरिक एसिड की समस्या आमतौर पर 30 वर्ष की आयु के बाद देखी जाती है, लेकिन कभी-कभी यह इससे पहले भी हो सकती है। महिलाओं में मेनोपॉज के बाद इसका जोखिम बढ़ जाता है। जब शरीर में प्यूरीन की मात्रा बढ़ती है, तो यूरिक एसिड का निर्माण होता है। यदि किडनी इसे सही तरीके से छान नहीं पाती, तो खून में इसकी मात्रा बढ़ने लगती है। इसके लक्षणों की अनदेखी करने पर गाउट या गठिया जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसके साथ ही, जोड़ों में दर्द, सूजन, त्वचा पर लालिमा और गर्माहट जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। यह किडनी में पथरी का कारण भी बन सकता है।
ड्रिंक जो मदद कर सकती है
सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह के अनुसार, उच्च यूरिक एसिड की समस्या केवल दवाओं से नहीं सुलझती। खानपान, पानी की मात्रा और पाचन में छोटे-छोटे बदलाव भी महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने एक सरल ड्रिंक के बारे में बताया है जो यूरिक एसिड को कम करने में सहायक हो सकती है।
क्या है यह ड्रिंक?
यदि आपको उच्च यूरिक एसिड की समस्या है, तो सुबह की शुरुआत गुनगुने पानी से करें। इसके अलावा, गिलोय का पानी भी पी सकते हैं। गिलोय की बेल का एक छोटा टुकड़ा धोकर, पानी में उबालें और इसे छानकर गुनगुना पिएं।
ध्यान रखने योग्य बातें
इस ड्रिंक को खाली पेट पिएं और इसे पीने के बाद कम से कम एक घंटे तक कुछ न खाएं, लेकिन पानी पी सकते हैं।
ब्रेकफास्ट का सुझाव
सुबह हल्का नाश्ता करें, जैसे दलिया, मूंग चीला या पोहा। आपको ऐसे खाद्य पदार्थ लेने चाहिए जो आसानी से पच जाएं।
मिड मॉर्निंग का ध्यान
यूरिक एसिड की समस्या में शरीर को हाइड्रेटेड रखना आवश्यक है। मिड मॉर्निंग में लौकी, सेलेरी या खीरे का जूस पिएं।
सादा लंच
अपने लंच को साधारण रखें, जैसे दाल, चावल, रोटी और सब्जी। भारी मसाले और तेल वाले खाद्य पदार्थों से बचें। लंच के बाद 10-15 मिनट की सैर करें।
शाम का ध्यान
शाम को हर्बल ड्रिंक या गुनगुना पानी पिएं। नमक और तेल वाले स्नैक्स, चाय और कॉफी से बचें। रात का खाना 8 बजे से पहले खा लें और हल्का भोजन करें।
सोने से पहले
सोने से पहले आधा चम्मच गोखरू को पानी के साथ लें। यह एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जो किडनी और मूत्र संबंधी समस्याओं में मदद करती है।
गोल्डन नियम
उच्च यूरिक एसिड वाले लोगों को अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे सुधार करने चाहिए। पर्याप्त पानी पिएं, चीनी और अल्कोहल से बचें, और ओवरईटिंग से दूर रहें।
अवॉइड करने योग्य खाद्य पदार्थ
कुछ खाद्य पदार्थों से बचें, जैसे पालक, मशरूम, राजमा और छोले। भारी फ्रुक्टोज वाले फलों जैसे चीकू और आम का सेवन कम करें। प्रोटीन का सेवन भी संतुलित रखें।