यूपी में बोतलबंद पानी की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल, 110 ब्रांड फेल
बोतलबंद पानी की जांच में चौंकाने वाले परिणाम
उत्तर प्रदेश से एक महत्वपूर्ण खबर आई है। यदि आप बाजार से बोतलबंद पानी खरीदते हैं, तो आपको सतर्क रहने की आवश्यकता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने हाल ही में 110 ब्रांड के पानी के नमूनों की जांच की, और इनमें से सभी मानकों पर फेल पाए गए।
घी की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
केवल पानी ही नहीं, बल्कि घी की गुणवत्ता भी संदिग्ध पाई गई है। जांच में पांच ब्रांड के घी को मानकों से नीचे पाया गया, जिसके कारण उनकी बिक्री और भंडारण पर तुरंत रोक लगा दी गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि इन फैक्ट्रियों का संचालन तुरंत बंद किया जाए।
पानी में बैक्टीरिया और यीस्ट की मौजूदगी
बोतलबंद पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने एक व्यापक अभियान चलाया था। इस दौरान विभिन्न जिलों से 110 ब्रांड के नमूने एकत्र किए गए थे। इनमें से 86 नमूनों की जांच राज्य की प्रयोगशाला में और 26 नमूनों की केंद्रीय प्रयोगशाला में की गई। जांच रिपोर्ट में सभी नमूने मानकों पर फेल पाए गए।
कमिश्नर की सख्त कार्रवाई
रिपोर्ट में पानी में बैक्टीरिया और यीस्ट की उपस्थिति पाई गई है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। डॉ. जैकब ने स्पष्ट किया है कि असुरक्षित पाए जाने पर इन ब्रांडों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। घी के पांच ब्रांड, जिनमें अविक, सलोना गोल्ड, श्री महेश, श्री रुद्र और डेयरी नाइस शामिल हैं, की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है।
अन्य ब्रांडों पर भी कार्रवाई
विभाग ने मिनरल वाटर और पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर में गड़बड़ी की शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की है। इससे पहले 24 जनवरी को 39 कंपनियों पर कार्रवाई की गई थी। जांच में कई जिलों के ब्रांड पीने योग्य नहीं पाए गए। इनमें मैनपुरी का ग्लोबल ब्रांड, प्रयागराज का नीट एचटूओ और रॉयल चैलेंज, आजमगढ़ का ग्लासिया, गोरखपुर का रिप्लायबल फ्रेश और हेल्दी ऐरा शामिल हैं।
हर जिले में हो रही है अनियमितता
गोंडा के सुपर फाइव स्टार, अमृत पियो और रिलैक्स, अंबेडकरनगर का एक्वा हेल्थ, लखनऊ के वृष्टि, ओजीन और फिट ब्रांड भी मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा, बाराबंकी के किंग्समेन, ओएक्सवाई, ज्ञानवी फूडटेक और एलएपी, फतेहपुर का चिल, उन्नाव का फू-फू पुक, देवांश डेली एक्वा और हिलडिन, रामपुर का एक्वा ऐस, चंदौली के गुगली, एक्वा यूएस और टीचर्स, गौतमबुद्धनगर का एक्वा बोट ब्रांड भी प्रतिबंधित किए गए हैं।
आयोग का निर्देश
लखीमपुर के न्यू गंगा जल, रायबरेली के मि. जलज और आर्वा, वाराणसी के एक्वासिया और साईं नीर, शाहजहांपुर के फिनवेल, इटावा के निर्मल धारा और कैनियन एक्वा तथा सिद्धार्थनगर के वेदिक ब्रांड पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। आयुक्त ने सभी कंपनियों को 48 घंटे के भीतर अपने स्टॉक का पूरा विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।