यूपी पुलिस परीक्षा 2026: ठगी की साजिश का पर्दाफाश
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2026 में ठगी का मामला
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2026 के आयोजन से एक दिन पहले एक बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। कुछ शातिर लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर फर्जी चैनल बनाकर परीक्षा का असली प्रश्नपत्र बेचने का दावा कर रहे थे। इस मामले की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने लखनऊ के हुसैनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई।
फर्जी चैनल का खुलासा
सूत्रों के अनुसार, 'यूपीपी एग्जाम पेपर' नामक एक फर्जी चैनल पर अभ्यर्थियों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया जा रहा था कि पुलिस भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो चुका है। जालसाज अभ्यर्थियों से 8 हजार रुपये लेकर कथित पेपर उपलब्ध कराने का दावा कर रहे थे। इसके लिए चैनल पर क्यूआर कोड और बैंक खाते की जानकारी भी साझा की गई थी, जिससे ऑनलाइन पैसे वसूले जा सकें।
जांच और कार्रवाई
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों की चिंता और नौकरी पाने की इच्छा का फायदा उठाकर यह ठगी की गई थी। भर्ती बोर्ड ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318, 221, 292 और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया है। पुलिस अब टेलीग्राम चैनल संचालकों और उनके आईपी एड्रेस की जांच कर रही है।
परीक्षा की तैयारी
भर्ती बोर्ड ने यह स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी है। सभी प्रश्नपत्र कड़ी सुरक्षा के बीच रखे गए हैं और उनकी निगरानी की जा रही है। परीक्षा 8, 9 और 10 जून को दो पालियों में आयोजित की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था
भर्ती बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो सीधे मुख्यालय को रिपोर्ट करेंगे। एसटीएफ और साइबर सेल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों के लिए सलाह
भर्ती बोर्ड ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी फर्जी पेपर लीक, स्क्रीनशॉट या अफवाह पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस या बोर्ड को देने की सलाह दी गई है।