यूएई का OPEC से बाहर निकलना: सऊदी के साथ रिश्तों में खटास
सऊदी और यूएई के बीच बढ़ती दूरियां
ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में असली खेल सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच हो रहा है। प्रारंभ में, सऊदी को अमेरिका का सहयोगी माना जाता था, लेकिन युद्ध के दौरान उसने तटस्थता अपनाई, जिससे उसे कई झटके लगे हैं। हाल ही में, यूएई ने OPEC और OPEC+ से अलग होने का निर्णय लिया, जबकि सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान खाड़ी देशों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की योजना बना रहे थे।
इस बैठक में यूएई के विदेश मंत्री भी शामिल थे। सऊदी के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि तेल उत्पादन और कीमतों का निर्धारण मुख्य रूप से इसी संगठन के माध्यम से होता है। सऊदी OPEC और OPEC+ का नेतृत्व करता है।
यूएई का OPEC से बाहर निकलने का कारण
सऊदी के साथ कैसे हो रहा असली गेम?
1. यूएई OPEC और OPEC+ के बाद अरब लीग, इस्लामिक सहयोग संगठन और जीसीसी से भी बाहर निकलने की योजना बना रहा है। यूएई के इस कदम से इन संगठनों की प्रासंगिकता कम हो जाएगी। अमेरिका लंबे समय से इन संगठनों को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।
2. हाल ही में, यूएई ने अमेरिका से यमन में सऊदी समर्थित समूहों पर नियंत्रण पाने की सिफारिश की थी। इसके अलावा, यूएन में एनपीटी मुद्दे पर भी यूएई ने अमेरिका का समर्थन किया। यह भी बताया गया है कि इजराइल ने आयरन डोम यूएई को भेजा था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यूएई अमेरिका और इजराइल के करीब जा रहा है।
3. यूएई ने पाकिस्तान से अपने पैसे की वसूली की है, जो सऊदी के लिए चिंता का विषय है। यूएई द्वारा लिया गया कर्ज सऊदी को चुकाना पड़ा, जिससे सऊदी के रिजर्व पर असर पड़ा है। दूसरी ओर, यूएई के कोष में डॉलर की वृद्धि हुई है।
4. यूएई के पास 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का संप्रभु धन है, जिसका उपयोग वह नए गठबंधन बनाने में कर सकता है। यूएई अब खाड़ी में एक मजबूत शक्ति बन सकता है, जबकि पहले ईरान और सऊदी ही प्रमुख थे।
यूएई और सऊदी के रिश्तों में खटास
बड़ा सवाल- यूएई सऊदी से नाराज क्यों है?
हालांकि सऊदी और यूएई पड़ोसी देश हैं, लेकिन उनके संबंध हाल के समय में बिगड़ गए हैं। 2016 में, यूएई ने सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को उत्तराधिकारी बनाने के लिए समर्थन दिया था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।
यमन में एक ऑपरेशन के दौरान सऊदी ने यूएई के जहाज पर हमला किया, जिससे यूएई की छवि को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा, सूडान में भी यूएई को सऊदी के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
ईरान के साथ युद्ध में यूएई ने पलटवार की योजना बनाई थी, लेकिन सऊदी ने मुस्लिम देशों की बैठक में कतर के साथ इस पर वीटो लगा दिया। इस युद्ध में ईरान ने यूएई पर हमला किया, जिससे वह काफी नाराज है।
सीजफायर प्रक्रिया के दौरान सऊदी ने पाकिस्तान का नाम आगे बढ़ाया, जो यूएई के हितों के खिलाफ था। पाकिस्तान के इस कदम ने सऊदी और यूएई के रिश्तों में और खटास ला दी।