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युवा कांग्रेस का ई-20 ईंधन पर नागपुर में विरोध प्रदर्शन

युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नागपुर में ई-20 ईंधन के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आवास का घेराव करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने ई-20 की उपयोगिता पर सवाल उठाए और कई को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस पार्टी ने गडकरी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने संसद में दिए गए जवाब से और सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस के नेता जयराम रमेश और हर्षवर्धन सपकाल ने भी अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं।
 

नागपुर में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन

नागपुर में, युवा कांग्रेस के सदस्यों ने सोमवार को ई-20 ईंधन के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आवास का घेराव करने के लिए एक मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। यह मार्च चितनवीस पार्क चौक से गडकरी के निजी निवास तक निकाला गया।


प्रदर्शनकारियों की नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ई-20 ईंधन की उपयोगिता पर सवाल उठाते हुए नारेबाजी की। गडकरी के आवास के पास सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी और रास्ते में अवरोधक लगाए गए थे। इसके बावजूद, प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने के लिए अवरोधक पार करने की कोशिश कर रहे थे।


कांग्रेस का आरोप

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस पार्टी ने ई-20 ईंधन के मुद्दे पर नितिन गडकरी को लगातार निशाने पर लिया है। उनका कहना है कि 29 जुलाई को संसद में गडकरी द्वारा दिए गए जवाब ने और अधिक सवाल खड़े कर दिए हैं।


जयराम रमेश की टिप्पणी

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि गडकरी का दावा है कि ई-20 पेट्रोल को वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद लागू किया गया है, लेकिन उपभोक्ताओं और मैकेनिकों ने इसके कई दुष्प्रभावों की शिकायत की है। रमेश ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले कुछ महीनों में कई समस्याएं सामने आई हैं, जैसे कि इंजन का प्रदर्शन गिरना और पुराने वाहनों में फ्यूल इंजेक्टर जाम होना।


सपकाल की मांग

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने गडकरी के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि ई-20 ईंधन का कार्यान्वयन एक बड़ा घोटाला है, जिसने लाखों वाहन मालिकों को संकट में डाल दिया है। सपकाल ने कहा कि ई-20 ईंधन को लागू करने की समयसीमा 2030 से पहले रखी गई है ताकि कुछ विशेष हितों को लाभ मिल सके।


प्रधानमंत्री पर आरोप

सपकाल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने गडकरी के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि नागपुर के सांसद ने वाहन मालिकों की शिकायतों के बावजूद एथनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा दिया है।