युमनाम खेमचंद सिंह बने मणिपुर के नए मुख्यमंत्री
मणिपुर में नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति
युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया है और वे मणिपुर के नए मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालेंगे। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन समाप्त होने से पहले, राष्ट्रीय राजधानी में भाजपा विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के बाद एनडीए के सहयोगी दलों की भी चर्चा हुई। पिछले साल 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था, जिसे संसद ने अगस्त में छह महीने के लिए बढ़ा दिया था।
जातीय तनाव और राष्ट्रपति शासन
मणिपुर में कुकी-ज़ो और मैतेई समुदायों के बीच जातीय तनाव के कारण कई महीनों तक हिंसा का दौर जारी रहा। एन बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद, 13 फरवरी, 2025 को राष्ट्रपति शासन लागू किया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिसंबर में जातीय हिंसा की जांच कर रहे आयोग को एक नई समय सीमा दी है, जिसमें उसे अपनी रिपोर्ट 20 मई, 2026 से पहले प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। आयोग को 3 मई, 2023 को मणिपुर में हुई जातीय हिंसा के कारणों की जांच करने का कार्य सौंपा गया है।
युमनाम खेमचंद सिंह का राजनीतिक सफर
युमनाम खेमचंद सिंह भारतीय जनता पार्टी के एक प्रमुख नेता हैं, जो मणिपुर राज्य से हैं। उन्होंने 2017 और 2022 में सिंगजामेई निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की। वे मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष (2017-2022) भी रह चुके हैं। 2022 में, उन्हें बीरेन सिंह के दूसरे मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था, जिसमें नगर प्रशासन, आवास विकास, ग्रामीण विकास और शिक्षा विभाग शामिल थे। उन्होंने फरवरी 2025 तक इस पद पर कार्य किया, जब मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया।