मौसम के बदलाव से अस्थमा के मामलों में वृद्धि: जानें उपाय
मौसम का अस्थमा पर प्रभाव
धूल और मौसम के बदलाव ने लोगों को परेशान कर रखा है। हाल ही में लू चलने की चेतावनी थी, तापमान 42-44 डिग्री तक पहुंच गया था, लेकिन अब दिन में गर्मी महसूस होती है और सुबह-शाम बारिश भी हो रही है। इस मौसम में तापमान में उतार-चढ़ाव से लोग बीमार पड़ रहे हैं, जिससे कफ, कोल्ड और एलर्जी की समस्याएं बढ़ रही हैं। खासकर अस्थमा के मरीजों के लिए यह समय और भी चुनौतीपूर्ण है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अधूरी नींद भी अस्थमा के बढ़ने का एक बड़ा कारण बन रही है। लेकिन नींद और अस्थमा के बीच का संबंध क्या है?
नींद और अस्थमा का संबंध
शरीर में कई जटिलताएं होती हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नींद और अस्थमा के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध खोजा है। जब हम सोते हैं, तो हमारा शरीर साइटोकिन्स नामक प्रोटीन का निर्माण करता है, जो सूजन और संक्रमण को कम करता है। यदि नींद पूरी नहीं होती है, तो साइटोकिन्स की मात्रा कम हो जाती है, जिससे श्वसन तंत्र में सूजन बढ़ जाती है और सांस लेने में कठिनाई होती है।
अस्थमा के मरीजों की संख्या
भारत में अस्थमा के 3.5 करोड़ से अधिक मरीज हैं। ऐसे में यदि मौसम के बदलाव का ध्यान नहीं रखा गया, तो इन मरीजों की स्थिति और बिगड़ सकती है। स्वामी रामदेव ने योग और आयुर्वेद के माध्यम से इस समस्या का समाधान प्रस्तुत किया है।
अस्थमा के कारण और लक्षण
अस्थमा के कारण:
- मौसम में बदलाव
- एलर्जी
- हॉर्मोनल परिवर्तन
- तनाव
- प्रदूषण
अस्थमा के लक्षण:
- बार-बार खांसी आना
- खांसी का लंबे समय तक रहना
- सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आना
- छाती में जकड़न
- सांस फूलना
अस्थमा में राहत के उपाय
आराम के लिए:
- गुनगुना पानी पीना
- पर्याप्त नींद लेना
- गिलोय का काढ़ा पीना
- तुलसी के पत्ते चबाना
- अनुलोम-विलोम करना
फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए:
- बेसन की रोटी खाना
- भुना चना खाना
- मुलेठी चबाना
फेफड़ों को मजबूत बनाने के उपाय
क्या करें:
- रोजाना प्राणायाम करें
- दूध में हल्दी और शिलाजीत मिलाएं
- त्रिकुटा पाउडर का सेवन करें
- गर्म पानी पीएं
- तले हुए खाद्य पदार्थों से बचें
अस्थमा के लिए रामबाण उपाय:
100 ग्राम बादाम, 20 ग्राम काली मिर्च और 50 ग्राम शक्कर को मिलाकर दूध के साथ एक चम्मच लें।
हल्दी का महत्व:
दूध में कच्ची हल्दी पकाकर उसमें शिलाजीत मिलाना फेफड़ों के लिए लाभकारी है।