मौलाना जरजिस अंसारी के विवादास्पद बयान पर बवाल, हिंदू संगठनों ने की गिरफ्तारी की मांग
सोशल मीडिया पर मौलाना जरजिस अंसारी का एक वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इस वीडियो में उन्होंने भगवान कृष्ण को मुसलमान बताते हुए दिन में पांच बार नमाज़ पढ़ने का दावा किया। इस बयान के बाद कई हिंदू संगठनों ने विरोध जताया और मौलवी की गिरफ्तारी की मांग की। अंसारी ने भगवद् गीता का एक श्लोक उद्धृत करते हुए कहा कि कृष्ण जी भी उपासना करते थे। हालांकि, उनकी व्याख्या पर सवाल उठाए जा रहे हैं। जानिए इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
Jul 16, 2026, 12:30 IST
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से उठा विवाद
सोशल मीडिया पर मौलाना जरजिस अंसारी का एक वीडियो तेजी से फैलने के बाद विवाद उत्पन्न हो गया है। इस क्लिप में वे यह दावा करते हुए नजर आ रहे हैं कि भगवान कृष्ण एक मुसलमान थे और दिन में पांच बार नमाज़ अदा करते थे। यह वीडियो 23 जून को झारखंड में दिए गए एक धार्मिक भाषण का बताया जा रहा है। कृष्ण जन्मभूमि विवाद के संदर्भ में यह वीडियो फिर से चर्चा में आया है, जिसके चलते कई हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया है और मौलवी की गिरफ्तारी की मांग की है। अपने भाषण में, अंसारी ने भगवद् गीता का एक श्लोक उद्धृत किया: योगी युंजिता सततम् आत्मनम् रहसि स्थितः, एकाकी यत-चित्तात्मा निराशिर अपरिग्रहः, और यह दावा किया कि इसमें भक्तों को “संपूर्ण शरीर से” उपासना करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने तर्क किया कि भगवान कृष्ण स्वयं दिन में पांच बार उपासना करते थे।
अंसारी का विवादास्पद तर्क
अंसारी ने श्लोक सुनाने से पहले कहा कि यदि किसी को आपत्ति न हो, तो कृष्ण जी भी दिन में पांच बार उपासना करते थे। उन्होंने आगे कहा कि अगर हिंदू अपने धर्मग्रंथों का गहराई से अध्ययन करें, तो वे इस्लाम से प्रेम करने लगेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस्लाम एक सार्वभौमिक धर्म है, जिसका उपदेश न केवल पैगंबर मुहम्मद ने दिया, बल्कि भगवान राम और भगवान कृष्ण ने भी दिया। अंसारी ने कहा कि यदि हिंदू अपनी किताबें पढ़ें, तो वे इस्लाम से प्रेम करने लगेंगे, क्योंकि यह केवल मुसलमानों का धर्म नहीं है। रामचंद्र जी और कृष्ण जी ने भी इस धर्म का प्रचार किया है। हालांकि, अंसारी की इस श्लोक की व्याख्या इसके स्वीकृत अर्थ से मेल नहीं खाती। भगवद्गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक का अनुवाद है कि योगी को एकांत में रहकर, अकेले, मन और स्वयं को नियंत्रण में रखते हुए, इच्छाओं और मोह-माया से मुक्त होकर ध्यान में लीन रहना चाहिए।
हिंदू संगठनों की प्रतिक्रिया
इस श्लोक में नमाज़, इस्लाम या दिन में पांच बार प्रार्थना करने की प्रथा का कोई उल्लेख नहीं है। अंसारी पहले भी विवादों में रह चुके हैं। 2022 में उनका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने कहा था कि एक मुस्लिम महिला को किसी भी स्थिति में, यहां तक कि प्रसव पीड़ा के दौरान भी, अपने पति की यौन इच्छाओं को पूरा करने से मना नहीं करना चाहिए। वीडियो में अंसारी ने कहा था कि यदि आप अपने पति को अपने शरीर का (यौन रूप से) लाभ उठाने की अनुमति नहीं देती हैं, तो आप एक गंभीर पाप कर रही हैं। संतों का कहना है कि सभी धर्मों के जन्मदाता भगवान श्री कृष्णा हैं, इसलिए वे मुस्लिम कैसे हो सकते हैं। मौलाना को धर्म ग्रंथ में क्या लिखा है, यह बताया जाएगा। हिंदू संगठन के शिशिर चतुर्वेदी एफआईआर दर्ज कराने के लिए हजरतगंज थाने जा रहे हैं।