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मेरठ में कांवड़ यात्रा के लिए सख्त नियम, डीजे संचालकों को दी गई चेतावनी

मेरठ जिला प्रशासन ने आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए डीजे संचालकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस बैठक में डीजे के आकार, भड़काऊ गानों पर प्रतिबंध और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन करने की बात की गई है। प्रशासन ने सभी संचालकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें ताकि यात्रा के दौरान शिव भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जानें इस यात्रा के लिए और क्या तैयारी की गई है।
 

कांवड़ यात्रा की तैयारी में प्रशासन की सक्रियता

मेरठ जिला प्रशासन आगामी श्रावण मास में होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। सोमवार को पुलिस और प्रशासन ने जिले के लगभग 250 डीजे संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में यात्रा के दौरान डीजे के आकार और बजने वाले गानों के संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


डीजे के आकार के लिए निर्धारित दिशा-निर्देश

कांवड़ यात्रा के दौरान बड़े और ऊंचे डीजे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और बिजली के तारों से टकराने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने डीजे के आकार की अधिकतम सीमा निर्धारित की है।


अधिकतम ऊंचाई: डीजे की ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए।


अधिकतम चौड़ाई: डीजे की चौड़ाई 10 फीट तक सीमित रखी जानी चाहिए।


बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि किसी संचालक का डीजे निर्धारित मानक (12x10 फीट) से बड़ा पाया गया, तो उसे सीज किया जाएगा और संचालक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।


भड़काऊ गानों पर प्रतिबंध

यात्रा के दौरान धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए गानों के चयन को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। डीजे संचालकों को बताया गया है कि:


किसी भी प्रकार के भड़काऊ, आपत्तिजनक या उत्तेजक गानों और भड़काऊ ऐलानों पर पूरी तरह से रोक रहेगी।


अश्लील गीतों और माहौल बिगाड़ने वाले उत्तेजक नारों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।


संचालकों को ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन करना होगा और आवाज को एक निश्चित सीमा में रखना होगा।


शांतिपूर्ण यात्रा के लिए सहयोग की अपील

मेरठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था का महापर्व है, इसलिए इसकी पवित्रता और सुरक्षा सर्वोपरि है। प्रशासन ने डीजे संचालकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें ताकि शिव भक्तों (कांवड़ियों) को किसी भी प्रकार की असुविधा या खतरे का सामना न करना पड़े।