मेटल शेयरों में तेजी: सरकार ने बढ़ाई इम्पोर्ट ड्यूटी
मेटल शेयरों में उछाल
सोना, चांदी और अन्य धातुओं पर इम्पोर्ट ड्यूटी में वृद्धि के बाद, 13 मई को मेटल शेयरों में उल्लेखनीय तेजी देखी गई। बढ़ती धातु कीमतों ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप हिंदुस्तान जिंक, वेदांता, हिंदुस्तान कॉपर और नेशनल एल्युमिनियम कंपनी के शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। सरकार ने सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं पर आयात शुल्क को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है, जिससे मेटल सेक्टर में सकारात्मक माहौल बना।
निफ्टी मेटल इंडेक्स में वृद्धि
निफ्टी मेटल इंडेक्स में लगभग 1.3% की वृद्धि हुई, और सभी शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। हिंदुस्तान जिंक ने लगभग 5% की वृद्धि के साथ सबसे बड़ा लाभ दर्ज किया, जबकि हिंदुस्तान कॉपर में 3% से अधिक की बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा, वेदांता, नेशनल एल्युमिनियम कंपनी और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के शेयर भी 1.5% से अधिक चढ़े।
सोने और चांदी में अपर सर्किट
कीमती धातुओं में इतनी खरीदारी हुई कि सोना और चांदी दोनों में 6% का अपर सर्किट लग गया। MCX पर सोने की कीमत ₹9,206 बढ़कर ₹1,62,648 प्रति 10 ग्राम हो गई, जबकि चांदी ₹16,743 की वृद्धि के साथ ₹2,95,805 प्रति किलो पर पहुंच गई।
ड्यूटी बढ़ाने का कारण
सरकार ने रुपये को मजबूत करने और सोने की भारी खरीद पर नियंत्रण लगाने के लिए यह निर्णय लिया है। अब सोने और चांदी के आयात पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया जाएगा, जिससे कुल टैक्स 15% हो गया है। यह नई ड्यूटी 13 मई 2026 से लागू हो गई है।
ज्वेलरी बाजार पर प्रभाव
यह नई टैक्स व्यवस्था केवल सोना-चांदी पर ही नहीं, बल्कि प्लेटिनम, ज्वेलरी पार्ट्स और कीमती धातुओं से जुड़े औद्योगिक आयात पर भी लागू होगी। UAE से निर्धारित कोटा के तहत आने वाले सोने पर भी अधिक ड्यूटी लगेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे घरेलू सोने और चांदी की कीमतें बढ़ सकती हैं, और महंगे दामों के कारण ज्वेलरी की मांग में कमी आ सकती है। हालांकि, पुराने गहनों के एक्सचेंज और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा मिल सकता है।
पश्चिम एशिया में तनाव का प्रभाव
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीद और विदेशी यात्राएं टालने की अपील की है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है, और 2025-26 में देश का गोल्ड इम्पोर्ट 24% बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर पर पहुंच गया है, जिससे व्यापार घाटे और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ा है।