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मेट गाला 2026: भारतीय हस्तियों का शानदार प्रदर्शन

मेट गाला 2026 में भारतीय हस्तियों ने अपने अनोखे फैशन स्टाइल से सबका ध्यान खींचा। अनन्या बिरला ने अपने डेब्यू में एक कस्टम गाउन पहना, जबकि मनीष मल्होत्रा ने मुंबई की संस्कृति को प्रदर्शित किया। नताशा पूनावाला ने एक अनोखी कलाकृति पहनी, और गौरवी कुमारी ने जयपुर की विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। जानें इस इवेंट में और किन हस्तियों ने अपने लुक से सबको प्रभावित किया।
 

फैशन का सबसे बड़ा इवेंट

फैशन की दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित इवेंट, मेट गाला 2026, मंगलवार को न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट में आयोजित हुआ। इस बार के रेड कार्पेट पर हॉलीवुड और भारतीय सितारों ने अपने अनोखे अंदाज में जलवा बिखेरा। करण जौहर और अनन्या बिरला ने इस इवेंट में अपने करियर का पहला कदम रखा, जबकि मनीष मल्होत्रा, नताशा पूनावाला और सुधा रेड्डी के लुक ने सभी का ध्यान खींचा।


अनन्या बिरला का डेब्यू

आदित्य बिरला ग्रुप की निदेशक अनन्या बिरला ने मेट गाला 2026 में अपने पहले प्रदर्शन के दौरान रॉबर्ट वुन द्वारा डिजाइन किया गया एक कस्टम गाउन पहना। उन्होंने अपने चेहरे को सुबोध गुप्ता द्वारा बनाए गए मेटैलिक मास्क से ढक रखा था। उनके आउटफिट में एक स्ट्रक्चर्ड ब्लैक जैकेट और एक वॉल्यूमिनस प्लीटेड स्कर्ट शामिल थी।


मनीष मल्होत्रा का मुंबई ट्रिब्यूट

प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ने लगातार दूसरे साल मेट गाला में भाग लिया। इस बार उन्होंने अपने डिजाइन स्टूडियो को रेड कार्पेट पर प्रदर्शित किया। उनके आउटफिट में एक भारतीय बंदगला के साथ एक केप था, जिस पर कारीगरों के नाम और हस्ताक्षर कढ़ाई किए गए थे, जो मुंबई की संस्कृति को दर्शाता है।


नताशा पूनावाला का अनोखा लुक

नताशा पूनावाला ने एक विशेष और अनोखी कलाकृति पहनी, जिसे ब्रिटिश कलाकार मार्क क्विन ने बनाया था। उन्होंने अपने लुक को डायमंड ईयररिंग्स और क्रिस्टल रिंग के साथ पूरा किया।


गौरवी कुमारी और सवाई पद्मनाभ सिंह

शाही हस्तियों गौरवी कुमारी और सवाई पद्मनाभ सिंह ने जयपुर की विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। गौरवी ने एक ऐसा गाउन पहना, जिसमें उनकी दादी द्वारा पहनी गई साड़ी का उपयोग किया गया था।


सुधा रेड्डी का सांस्कृतिक आउटफिट

समाजसेवी सुधा रेड्डी ने एक ऐसा आउटफिट चुना, जो कलमकारी परंपराओं के 'ट्री ऑफ लाइफ' डिजाइन से प्रेरित था। इसमें जरी और रेशम की बारीक कढ़ाई की गई थी, जो भारतीय संस्कृति के कई तत्वों को दर्शाता है।