मेघालय के हनीमून मर्डर केस में जमानत रद्द कराने की याचिका दायर
हनीमून मर्डर केस में नया मोड़
मेघालय में 2025 में घटित 'हनीमून मर्डर केस' में एक महत्वपूर्ण कानूनी विकास हुआ है। राज्य सरकार ने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कराने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। सोनम पर आरोप है कि उसने अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की योजना बनाई थी। इस मामले की सुनवाई गुरुवार को जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ के समक्ष हुई।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की मांग
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से इस याचिका पर त्वरित सुनवाई का अनुरोध किया, यह कहते हुए कि मेघालय उच्च न्यायालय ने जमानत देने में गलती की है। बेंच ने मामले को शुक्रवार के लिए सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। मेहता ने कहा कि जमानत देने का आधार सही नहीं था और यह केवल एक टाइपिंग त्रुटि के कारण हुआ।
राजा के परिवार की चिंता
राजा रघुवंशी के परिवार ने भी सोनम की जमानत के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में जाने का निर्णय लिया है। राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि परिवार न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनम के वकील उसे जमानत दिलाने के लिए पैसे ले रहे हैं, जबकि उनके वकील को कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है।
हाई कोर्ट का जमानत आदेश
29 जून को मेघालय उच्च न्यायालय ने सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत के निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा। यह मामला राजा की मौत से संबंधित है, जो अपनी पत्नी के साथ हनीमून पर मेघालय गए थे। 23 मई, 2025 को यह जोड़ा लापता हो गया था और राजा का शव 2 जून को बरामद किया गया। पुलिस का कहना है कि सोनम ने आर्थिक लाभ के लिए हत्या की योजना बनाई थी।