मृत्यु पंचक के दौरान अपनाएं ये प्रभावशाली उपाय
मृत्यु पंचक जून 2026: जानें क्या करें?
मृत्यु पंचक का आगाज़: 6 जून से मृत्यु पंचक की शुरुआत हो रही है। जब यह पंचक शनिवार से प्रारंभ होता है, तब इसे मृत्यु पंचक कहा जाता है। इसे अन्य पंचकों की तुलना में सबसे अधिक खतरनाक और कष्टदायी माना जाता है। इस दौरान दुर्घटनाएं, चोटें और मृत्यु के कष्ट की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि, ज्योतिष शास्त्र में कुछ प्रभावशाली उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाने से संकट टल सकता है और अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो सकता है। आइए जानते हैं मृत्यु पंचक के दौरान किए जाने वाले इन उपायों के बारे में।
मृत्यु पंचक में क्या करें?
हनुमान चालीसा का पाठ: मृत्यु पंचक के दौरान प्रतिदिन सुबह और शाम हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करें। हनुमान जी की पूजा से पंचक के सभी नकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाते हैं।
महामृत्युंजय का पाठ और शिव पूजा: शिवलिंग पर काला तिल मिलाकर जल या दूध अर्पित करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। यह उपाय अकाल मृत्यु के भय को दूर करता है।
गायत्री मंत्र का जाप: मन को शांत रखने और नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए गायत्री मंत्र का जाप करें। मृत्यु पंचक के पांच दिनों तक इसका जाप करने से सुरक्षा कवच बनता है।
दक्षिण दिशा की यात्रा: यदि दक्षिण दिशा की यात्रा आवश्यक हो, तो घर से निकलने से पहले हनुमान जी के मंदिर में फल चढ़ाएं और गुड़ खाकर यात्रा शुरू करें।
हनुमान जी की पूजा: शनिवार और मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर जाकर चमेली के तेल का दीपक जलाएं और उन्हें सिंदूर अर्पित करें।
शनिवार को छाया दान और दीप दान: शनिवार को सरसों के तेल में अपना चेहरा देखकर उसे किसी जरूरतमंद को दान करें। शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इससे अकाल मृत्यु का योग टल जाता है।