मृत्यु के संकेत: जानिए कैसे पहचानें कब आ रहा है अंत
मृत्यु का भय और उसके संकेत
मृत्यु का डर मानवता का सबसे बड़ा भय है। हर व्यक्ति को यह चिंता सताती है कि एक दिन उसे इस जीवन के बंधनों को तोड़कर जाना होगा। यह एक सत्य है जिसे कोई भी बदल नहीं सकता। फिर भी, मृत्यु का नाम सुनते ही मन में एक अनजाना डर और आशंका उत्पन्न होती है। आज हम आपको कुछ ऐसे संकेतों के बारे में बताएंगे, जो यह संकेत देते हैं कि किसी व्यक्ति की मृत्यु कितनी निकट है।
जब किसी व्यक्ति के अंगों में अकड़न आ जाती है और तालू सूखने लगता है, तो वह आमतौर पर एक महीने तक जीवित रहता है। वैदिक काल से ही मनुष्य ने मृत्यु को पराजित करने के लिए तपस्या की है, लेकिन यह सत्य है कि हर जीव को एक दिन मृत्यु का सामना करना पड़ता है।
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि मृत्यु से पहले यमराज कई संकेत देते हैं, लेकिन यह जानकारी बहुत कम लोगों को होती है। आइए जानते हैं वे संकेत जो आपकी मृत्यु की ओर इशारा करते हैं।
मौत के लक्षण
1. जिस व्यक्ति की मृत्यु निकट होती है, उसे चाँद में दरारें दिखाई देने लगती हैं। यह संकेत केवल उन्हीं को दिखाई देता है जिनकी मृत्यु 7 दिनों के भीतर होने वाली होती है।
2. जब किसी पर काल का साया होता है, तो उसे मृत व्यक्तियों की छवियाँ दिखाई देने लगती हैं। यह संकेत है कि उसका इस दुनिया से नाता जल्द ही टूटने वाला है।
3. कब्रिस्तान में जाने पर इंसान को सलाम करना पड़ता है, और यदि किसी के कानों में सलाम का जवाब सुनाई देता है, तो उसकी मृत्यु 3 दिनों में संभव है।
4. जब मृत्यु का साया आता है, तो इंसान की परछाई भी उसका साथ छोड़ देती है। ऐसे में इंसान को रौशनी, तेल और पानी में भी अपनी परछाई नहीं दिखाई देती।
5. यदि किसी को शीशे में अपने चेहरे के स्थान पर किसी मृत व्यक्ति का चेहरा दिखाई देता है, तो उसके पास केवल 24 घंटे बचे हैं।
6. मृत्यु के 6 महीने पहले से ज्ञानेन्द्रियाँ कठोर होने लगती हैं और आँखों का रंग भी बदलने लगता है।
7. जिस व्यक्ति की मृत्यु निकट होती है, उसे आसमान हमेशा खून की तरह लाल दिखाई देता है।
8. मृत्यु से पहले व्यक्ति के पास से एक अजीब गंध आने लगती है, जो धीरे-धीरे बढ़ती है और अंततः उसे मृत्यु की आगोश में समेट लेती है।
9. मरने वाले व्यक्ति को एक महीने पहले से अजीब ख्याल आने लगते हैं, और वह उन लोगों की बातें करने लगता है जो इस दुनिया में नहीं हैं।
10. अकाल मृत्यु के दिन व्यक्ति सबसे अधिक प्रसन्नचित्त दिखाई देता है, क्योंकि उसे कहीं ना कहीं मृत्यु की आहट सुनाई देने लगती है।