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मुजफ्फरनगर में श्रावण माह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में वृद्धि

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में श्रावण माह के पहले सोमवार को जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया गया है। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड तैनात किए गए हैं, और विशेष कतारों का प्रावधान किया गया है। कांवड़ यात्रियों की संख्या में वृद्धि के साथ, जिला प्रशासन ने स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया है। जानें इस दौरान और क्या-क्या इंतजाम किए गए हैं।
 

श्रावण माह के पहले सोमवार की तैयारी

मुजफ्फरनगर, 2 अगस्त: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में श्रावण माह के पहले सोमवार को जलाभिषेक के लिए हजारों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रमुख शिव मंदिरों में सुरक्षा के इंतजाम को मजबूत किया गया है। रविवार को एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी साझा की। सहारनपुर क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अभिषेक सिंह ने बताया कि महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख मंदिरों में एंटी रोमियो स्क्वाड तैनात किए गए हैं।


उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए अलग कतार की व्यवस्था की गई है, जबकि संभावित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अवरोधक लगाए गए हैं और अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। हरिद्वार से गंगाजल लाने वाले कांवड़ यात्रियों की संख्या में वृद्धि के साथ, अधिकारियों ने जिले में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के उपायों को और मजबूत किया है। ये सभी व्यवस्थाएं वार्षिक कांवड़ यात्रा की तैयारियों के तहत की गई हैं।


जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुजफ्फरनगर के सभी स्कूलों और कॉलेजों को 3 से 10 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया है। श्रावण माह की शुरुआत के साथ 30 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है। अधिकारियों ने कांवड़ मार्गों पर मांस की दुकानों और रेस्तरां को भी 12 अगस्त तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं।


इसके अतिरिक्त, जिले में चरणबद्ध तरीके से यातायात परिवर्तन और कड़ी निगरानी की व्यवस्था की गई है।